चिट्टा तस्करी पर चौटाला परिवार में सियासी टकराव: अभय चौटाला ने SP को दिया 7 दिन का अल्टीमेटम, दिग्विजय ने साधा निशाना
अभय चौटाला ने SP को दिया 7 दिन का अल्टीमेटम, दिग्विजय ने साधा निशाना
हरियाणा के सिरसा जिले में चिट्टा और नशा तस्करी के बढ़ते मामलों को लेकर चौटाला परिवार के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इनेलो सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला ने नशे की तस्करी पर नाराजगी जताते हुए डबवाली के पुलिस अधीक्षक को 7 दिन का अल्टीमेटम दिया है। अभय चौटाला ने कहा कि क्षेत्र में नशे के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए और पुलिस को तस्करी के नेटवर्क पर सख्ती से लगाम लगानी चाहिए। उनके इस बयान के बाद जननायक जनता पार्टी के नेता दिग्विजय चौटाला ने सोशल मीडिया के जरिए पलटवार किया। दिग्विजय ने अभय चौटाला पर निशाना साधते हुए तंज कसा कि “चश्मा जी, खुद के घर शीशे के हों…”, जिसके बाद दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक विवाद और तेज हो गया। सिरसा और डबवाली क्षेत्र में नशे की समस्या लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बनी हुई है। चिट्टा जैसे सिंथेटिक नशे की तस्करी को लेकर स्थानीय स्तर पर पुलिस कार्रवाई और नशे के नेटवर्क को खत्म करने की मांग लगातार उठती रही है। अभय चौटाला द्वारा पुलिस को समयसीमा दिए जाने के बाद अब यह मामला केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि चौटाला परिवार के बीच सियासी आरोप-प्रत्यारोप का मुद्दा भी बन गया है। दिग्विजय चौटाला के बयान से साफ है कि वह अभय के हमले को राजनीतिक रूप से जवाब देने के साथ-साथ उनके पुराने राजनीतिक रिकॉर्ड और परिवार से जुड़े मुद्दों की ओर संकेत करना चाहते हैं। इस विवाद के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि डबवाली और सिरसा क्षेत्र में बढ़ती नशा तस्करी पर पुलिस और प्रशासन कितनी प्रभावी कार्रवाई कर पाते हैं। स्थानीय लोगों के लिए राजनीतिक बयानबाजी से ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि नशे की सप्लाई रोकने, तस्करों पर कार्रवाई करने और युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए जमीन पर ठोस कदम उठाए जाएं। आने वाले दिनों में अभय चौटाला के 7 दिन के अल्टीमेटम और दिग्विजय चौटाला के पलटवार के बाद यह राजनीतिक विवाद किस दिशा में जाता है, इस पर भी सभी की नजर रहेगी।




