5 दिन में सोना ₹7,064 और चांदी ₹14,094 महंगी: 24 कैरेट गोल्ड ₹1.49 लाख, चांदी ₹2.31 लाख किलो; तेजी के पीछे 5 बड़े कारण
24 कैरेट गोल्ड ₹1.49 लाख, चांदी ₹2.31 लाख किलो; तेजी के पीछे 5 बड़े कारण

नई दिल्ली। सोने-चांदी की कीमतों में इस सप्ताह जोरदार तेजी देखने को मिली। IBJA के मुताबिक, पांच कारोबारी दिनों में 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत ₹7,064 बढ़कर ₹1,49,621 हो गई। वहीं एक किलो चांदी का भाव ₹14,094 बढ़कर ₹2,31,381 पर पहुंच गया।
सोमवार को 24 कैरेट सोना करीब ₹1.42 लाख और चांदी ₹2.17 लाख प्रति किलो थी। शुक्रवार को अकेले सोने में ₹1,181 और चांदी में ₹5,707 की तेजी दर्ज की गई।
कैरेट के हिसाब से सोने के भाव
| कैरेट | भाव (₹/10 ग्राम) |
|---|---|
| 24 कैरेट | ₹1,49,621 |
| 22 कैरेट | ₹1,37,053 |
| 18 कैरेट | ₹1,12,216 |
| 14 कैरेट | ₹87,528 |
IBJA के ये बेंचमार्क भाव GST से पहले के हैं। खुदरा बाजार में ज्वेलर के प्रीमियम, GST और मेकिंग चार्ज के कारण कीमत अलग हो सकती है।
बड़े शहरों में 24 कैरेट सोने का भाव
| शहर | 10 ग्राम 24 कैरेट |
| दिल्ली | ₹1,52,550 |
| मुंबई | ₹1,52,350 |
| कोलकाता | ₹1,52,350 |
| जयपुर | ₹1,52,550 |
| भोपाल | ₹1,52,450 |
| पटना | ₹1,52,450 |
| लखनऊ | ₹1,52,550 |
| रायपुर | ₹1,52,380 |
| अहमदाबाद | ₹1,52,450 |
तेजी के 5 बड़े कारण
1. ग्लोबल तनाव और जियोपॉलिटिकल संकट: अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच निवेशक सुरक्षित माने जाने वाले एसेट्स की ओर रुख करते हैं, जिससे सोने की मांग को सहारा मिलता है।
2. अमेरिकी फेड की ब्याज दर नीति: ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद या नरम मौद्रिक रुख आम तौर पर गैर-ब्याज देने वाली कीमती धातुओं को सपोर्ट कर सकता है।
3. डॉलर में उतार-चढ़ाव: डॉलर कमजोर होने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों को समर्थन मिल सकता है।
4. केंद्रीय बैंकों की खरीदारी: दुनिया के कई केंद्रीय बैंक अपने रिजर्व में सोने की हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं। इससे सोने की दीर्घकालिक मांग मजबूत बनी हुई है।
5. चांदी की औद्योगिक मांग: सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में चांदी के इस्तेमाल के कारण इसकी मांग बढ़ने से कीमतों को समर्थन मिल रहा है।
इस साल सोने-चांदी की चाल
7 अगस्त 2026 तक IBJA के आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोने का भाव 31 दिसंबर 2025 के ₹1,33,195 से बढ़कर ₹1,49,621 हो चुका है। यानी साल की शुरुआत से इसमें करीब ₹16,426 की बढ़ोतरी हुई है।
चांदी 31 दिसंबर 2025 के ₹2,30,420 प्रति किलो से बढ़कर 7 अगस्त को ₹2,31,381 पर पहुंची है।
| तारीख | सोना ₹/10 ग्राम | चांदी ₹/किलो |
| 31 दिसंबर 2025 | ₹1,33,195 | ₹2,30,420 |
| 31 जनवरी 2026 | ₹1,65,795 | ₹3,39,350 |
| 28 फरवरी 2026 | ₹1,50,997 | ₹2,66,700 |
| 31 मार्च 2026 | ₹1,46,733 | ₹2,30,135 |
| 30 अप्रैल 2026 | ₹1,50,263 | ₹2,40,331 |
| 31 मई 2026 | ₹1,56,463 | ₹2,63,350 |
| 30 जून 2026 | ₹1,41,286 | ₹2,25,425 |
| 31 जुलाई 2026 | ₹1,42,860 | ₹2,18,295 |
| 7 अगस्त 2026 | ₹1,49,621 | ₹2,31,381 |
एक्सपर्ट का अनुमान: सोना ₹1.60 लाख तक जा सकता है
कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक, साल के अंत तक सोने की कीमत फिर ₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी करीब ₹2.80 लाख प्रति किलो तक पहुंच सकती है। हालांकि यह बाजार का अनुमान है, निश्चित भविष्यवाणी नहीं।
निवेशकों के लिए कीमतों में तेजी के दौरान एकमुश्त निवेश करने के बजाय जोखिम और समयावधि को ध्यान में रखना जरूरी है।
ETF से भी कर सकते हैं सोने-चांदी में निवेश
गोल्ड ETF और सिल्वर ETF के जरिए निवेशक बिना भौतिक सोना-चांदी खरीदे इनकी कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव में भाग ले सकते हैं। इनकी खरीद-बिक्री शेयरों की तरह एक्सचेंज पर की जाती है।
इसके लिए डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट की जरूरत होती है। ETF में निवेश करने से पहले उसके खर्च, ट्रैकिंग एरर, लिक्विडिटी और बाजार जोखिम को समझना जरूरी है।
‘हमारे मठ’ की नजर
सोने और चांदी में इस सप्ताह की तेज बढ़त ने निवेशकों का ध्यान फिर कीमती धातुओं की ओर खींचा है। हालांकि दोनों धातुओं की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव भी देखने को मिलता है। इसलिए केवल तेजी देखकर निवेश करने के बजाय अपनी वित्तीय स्थिति और जोखिम क्षमता के अनुसार फैसला लेना बेहतर है।



