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झारखंड बंद के बीच JPSC-JSSC आंदोलन तेज, विधानसभा घेराव के बाद BJP का बंद; पुलिस कार्रवाई पर सियासत गरम

पुलिस कार्रवाई पर सियासत गरम

रांची, 11 अगस्त। झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों और अभ्यर्थियों का आंदोलन मंगलवार को 18वें दिन भी जारी रहा। सोमवार को विधानसभा घेराव के लिए निकले प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव के बाद भारतीय जनता पार्टी ने 11 अगस्त को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है। प्रदर्शनकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच, पारदर्शी प्रक्रिया और कई मामलों में परीक्षा रद्द करने सहित अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। सोमवार को हजारों अभ्यर्थियों ने विधानसभा की ओर मार्च किया। पुलिस के अनुसार प्रदर्शनकारियों द्वारा बैरिकेडिंग पार करने के बाद उन्हें रोकने के लिए आंसू गैस, वाटर कैनन और लाठी का इस्तेमाल किया गया, जबकि प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने उन पर बल प्रयोग किया। पुलिस कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारियों के घायल होने की खबर है, जबकि अधिकारियों के मुताबिक पुलिसकर्मी भी घायल हुए। अलग-अलग रिपोर्टों में घायलों की संख्या को लेकर अंतर है, इसलिए 100 से अधिक घायल होने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि स्पष्ट नहीं है। मंगलवार को BJP के बंद के साथ राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है। पार्टी ने छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों को खुले पत्र के जरिए आंदोलन को लेकर संवाद और संयम की अपील की है तथा कहा है कि सरकार ने उनकी अधिकांश मांगों को सुना है और उन्हें गंभीरता से संबोधित किया जाएगा। इस बीच ABVP ने भी पुलिस की लाठीचार्ज, आंसू गैस और वाटर कैनन के इस्तेमाल की निंदा की है। संगठन का कहना है कि छात्रों की समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए किया जाना चाहिए। आंदोलन के चलते रांची में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है और विधानसभा के आसपास बैरिकेडिंग तथा प्रतिबंधात्मक उपाय लागू किए गए हैं। अब आंदोलन का केंद्र केवल भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई, जांच की मांग और सरकार की जवाबदेही भी बड़े राजनीतिक मुद्दे बन गए हैं। छात्रों की मांगों और सरकार के बीच बातचीत से इस आंदोलन की आगे की दिशा तय होने की संभावना है।

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