इंदौर पुलिस के ‘पॉकेट गवाह’ मामले में बड़ा एक्शन, 4 अफसरों पर कार्रवाई से मचा हड़कंप
4 अफसरों पर कार्रवाई से मचा हड़कंप

इंदौर: इंदौर पुलिस विभाग में थाना प्रभारियों की कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों के बीच ‘पॉकेट गवाहों’ के नाम पर बड़ी संख्या में केस दर्ज किए जाने का मामला अब गंभीर कार्रवाई तक पहुंच गया है। एक जैसे गवाहों के नाम का इस्तेमाल कर सैकड़ों मामलों में कार्रवाई किए जाने के आरोपों के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और अब कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस विभाग में चार अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। सामने आई जानकारी के मुताबिक, इस पूरे मामले में कथित तौर पर ऐसे गवाहों का बार-बार इस्तेमाल किया गया, जिन्हें पुलिस के संपर्क में रहने वाले ‘पॉकेट गवाह’ कहा जा रहा है। आरोप है कि इस तरह के गवाहों के नाम पर करीब 2 हजार मामलों में कार्रवाई की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई की गई है। कार्रवाई के तहत खजराना थाना प्रभारी का डिमोशन किए जाने और चंदन नगर थाना प्रभारी को पद से हटाए जाने की जानकारी सामने आई है। इस घटनाक्रम ने पुलिस की केस दर्ज करने और जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। खास तौर पर यह सवाल उठ रहा है कि यदि एक ही तरह के गवाहों का इस्तेमाल बड़ी संख्या में मामलों में किया गया, तो क्या प्रत्येक मामले में स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की प्रक्रिया का पालन हुआ था। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने के बाद पुलिस विभाग पर भी अपनी कार्यप्रणाली की समीक्षा करने का दबाव बढ़ा है। चार अधिकारियों पर कार्रवाई को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि पूरे मामले में किन-किन मामलों की जांच प्रभावित हुई और कथित पॉकेट गवाहों की भूमिका कितनी व्यापक थी, इसे लेकर विस्तृत तथ्य सामने आना बाकी है। फिलहाल अधिकारियों पर हुई कार्रवाई ने इंदौर पुलिस की कार्यप्रणाली, गवाहों की विश्वसनीयता और आपराधिक मामलों में जांच की पारदर्शिता को लेकर बहस तेज कर दी है।




