शाहरुख, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को विमल इलायची विज्ञापन पर नोटिस, ₹10 लाख तक जुर्माने का प्रावधान
महाराष्ट्र FDA ने विज्ञापन को प्रतिबंधित पान मसाला के अप्रत्यक्ष प्रचार से जोड़ा; तीनों अभिनेताओं से मांगा स्पष्टीकरण, राज्य में गुटखा-पान मसाला के खिलाफ कार्रवाई तेज

मुंबई, 16 अगस्त। महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को ‘विमल इलायची’ के विज्ञापन को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। FDA का आरोप है कि विज्ञापन की प्रस्तुति, संवाद, ‘विमल’ ब्रांड की पहचान और बाजार में उसकी पान मसाला से जुड़ी छवि को देखते हुए यह प्रतिबंधित पान मसाला के अप्रत्यक्ष प्रचार का मामला हो सकता है। विभाग ने तीनों अभिनेताओं से विज्ञापन में उनकी भूमिका को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है। नोटिस इसी सप्ताह संबंधित अभिनेताओं के पते पर भेजे जाने की जानकारी दी गई है। अजय देवगन को जुहू स्थित आवास, शाहरुख खान को बांद्रा स्थित ‘मन्नत’ और टाइगर श्रॉफ को उनकी प्रोडक्शन कंपनी के माध्यम से नोटिस भेजा गया है। FDA के मुताबिक महाराष्ट्र सरकार ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 30(2)(a) के तहत 13 जुलाई 2026 से एक साल के लिए पान मसाला के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर प्रतिबंध लगाया है। विभाग का कहना है कि ऐसे में ‘विमल’ ब्रांड से जुड़े विज्ञापन की प्रकृति की जांच जरूरी है और यह देखा जा रहा है कि कहीं इलायची उत्पाद के विज्ञापन के माध्यम से प्रतिबंधित तंबाकू या पान मसाला उत्पाद का अप्रत्यक्ष प्रचार तो नहीं किया जा रहा। इस मामले में नोटिस जारी होना अंतिम दोष सिद्धि नहीं है और अभिनेताओं का पक्ष सामने आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी। महाराष्ट्र में प्रतिबंधित गुटखा, तंबाकू और पान मसाला के खिलाफ FDA की कार्रवाई भी तेज हुई है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार 25 मई से 31 जुलाई के बीच 658 ठिकानों पर छापेमारी की गई, 15.11 करोड़ रुपये का प्रतिबंधित स्टॉक जब्त किया गया, 519 FIR दर्ज हुईं और 701 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा प्रतिबंधित सामग्री के परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे 78 वाहनों को भी जब्त किया गया, जिनकी कीमत करीब 6.6 करोड़ रुपये बताई गई है। FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने अधिकारियों को संगठित गुटखा और तंबाकू नेटवर्क के खिलाफ पुलिस के साथ मिलकर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम यानी MCOCA के तहत कार्रवाई की संभावनाएं तलाशने के निर्देश भी दिए हैं। ‘विमल इलायची’ के विज्ञापन को लेकर यह पहला विवाद नहीं है। इससे पहले भी इस ब्रांड की विज्ञापन रणनीति को लेकर नियामकीय सवाल उठ चुके हैं। 2018 में स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय ने सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम यानी COTPA के तहत संबंधित कंपनी को नोटिस जारी किया था। बाद में कंपनी की ओर से अदालत में यह तर्क दिया गया था कि घरेलू बाजार में ‘विमल’ ब्रांड नाम से तंबाकू उत्पाद नहीं बनाए जाते। जनवरी 2024 में दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए बिना तंबाकू वाले उत्पादों के विज्ञापन की अनुमति से जुड़े मामले में कंपनी के पक्ष को स्वीकार किया था। मौजूदा मामले में महाराष्ट्र FDA अब यह जांच कर रहा है कि संबंधित विज्ञापन केवल इलायची जैसे गैर-तंबाकू उत्पाद का प्रचार है या इसके जरिए प्रतिबंधित पान मसाला ब्रांड की अप्रत्यक्ष ब्रांडिंग की जा रही है। आने वाले समय में नोटिस के जवाब और विभाग की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई स्पष्ट होगी।


