सिरसा कांग्रेस में घमासान, विधायक शीशपाल कहरवाला और नेता निर्मल सिंह मलड़ी आमने-सामने
कमीशन लेकर सरकार के खिलाफ चुप रहने का आरोप; मलड़ी बोले- आरोप गलत साबित हुए तो राजनीति छोड़ दूंगा

सिरसा जिले के कालांवाली में कांग्रेस के भीतर नेताओं के बीच बयानबाजी ने सियासी विवाद को हवा दे दी है। कालांवाली विधायक शीशपाल सिंह कहरवाला और कांग्रेस नेता निर्मल सिंह मलड़ी के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। निर्मल सिंह मलड़ी ने वीडियो जारी कर विधायक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने उन्हें कमीशन देकर चुप करा रखा है और वे सरकार के खिलाफ आवाज नहीं उठाते। मलड़ी ने विधायक को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप सही साबित कर दिए जाएं तो वह राजनीति छोड़ देंगे। विधायक शीशपाल कहरवाला ने पलटवार करते हुए मलड़ी को मानसिक रूप से बीमार बताते हुए कहा कि उन्हें ‘शीशपाल फोबिया’ हो गया है और उनकी बातों का जवाब देना जरूरी नहीं है। विवाद की शुरुआत विधायक के उस बयान से हुई, जिसमें उन्होंने मलड़ी पर सिख समाज को बदनाम करने और हनीट्रैप से जुड़े मामलों में केस दर्ज होने की बात कही थी। इसके जवाब में मलड़ी ने कहा कि अगर उन्होंने किसी के साथ ठगी की है तो उस व्यक्ति को सामने लाकर आरोप साबित किए जाएं, वह राजनीति छोड़ देंगे। मलड़ी ने आरोप लगाया कि उनके गांव में पिछले 8-9 वर्षों से विकास कार्य नहीं हुए और नहरी पानी सहित स्थानीय मुद्दों को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस में हैं और राहुल गांधी के साथ हैं तथा पार्टी नहीं छोड़ेंगे। मलड़ी ने विधायक पर यह भी आरोप लगाया कि वे कांग्रेस की वजह से विधायक बने हैं और अकेले किसी को राजनीति का ठेका नहीं मिला है। दूसरी ओर विधायक कहरवाला ने मलड़ी के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि जो बातें हुई ही नहीं, उनका जवाब देना संभव नहीं है। दोनों नेताओं की बयानबाजी के बाद कालांवाली कांग्रेस की स्थानीय राजनीति में अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई है और अब देखना होगा कि पार्टी नेतृत्व इस विवाद को किस तरह संभालता है।



