JSSC-CGL पेपर लीक मामले में CID की अपील, आम लोग साझा करें सबूत: ऑडियो-वीडियो और दस्तावेज मांगे; सूचना देने वाले की पहचान रहेगी गोपनीय
सीआईडी की एसआईटी ने अभ्यर्थियों और आम लोगों से मांगे ठोस साक्ष्य; ऑडियो-वीडियो, दस्तावेज और चैट उपलब्ध कराने की अपील, सूचना देने वाले की पहचान रखी जाएगी गोपनीय

रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की CGL-2023 परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक मामले की जांच कर रही CID की विशेष जांच टीम (SIT) ने अब अभ्यर्थियों और आम लोगों से सहयोग मांगा है। CID ने अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति के पास परीक्षा में गड़बड़ी या अनियमितता से संबंधित कोई ठोस जानकारी, ऑडियो-वीडियो, दस्तावेज या चैट उपलब्ध है तो उसे SIT के साथ साझा किया जाए। एजेंसी ने सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखने की बात कही है।
37 संदिग्धों से हो चुकी पूछताछ
CID के अनुसार, मामले में अब तक 37 संदिग्धों को नोटिस देकर पूछताछ की जा चुकी है। CID ने जनवरी 2025 में कांड संख्या 1/2025 दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से पैसे लेने और कथित तौर पर गेस पेपर देकर ठगी किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
अब छात्रों की ओर से दोबारा जांच की मांग उठने और सरकार के निर्देश के बाद मामले की जांच तेज की गई है।
अभ्यर्थियों से सबूत उपलब्ध कराने की अपील
CID की SIT ने कहा है कि JSSC-CGL परीक्षा से जुड़ी किसी भी कथित अनियमितता के संबंध में यदि किसी के पास प्रमाण मौजूद हैं तो वे उन्हें जांच टीम तक पहुंचा सकते हैं। विशेष रूप से ऑडियो, वीडियो, दस्तावेज और चैट जैसे साक्ष्यों को जांच में उपयोगी माना जा सकता है।
ट्सऐप: 9771432118
ईमेल: cglinfo@jhpolice.gov.in
CID ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
JPSC परीक्षा में गड़बड़ी का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा
इसी बीच JPSC की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 में कथित अनियमितताओं का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। याचिकाकर्ता ने परीक्षा रद्द कर नए सिरे से परीक्षा कराने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
याचिका में परीक्षा संचालन, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, OMR शीट की कस्टडी और मूल्यांकन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। मामले में 24 अगस्त को सुनवाई प्रस्तावित है।



