भोपाल में सीलिंग के विरोध में पुलिस-व्यापारियों में हाथापाई, बैरिकेड्स हटाकर आगे बढ़े कारोबारी
रहवासी इलाकों में कमर्शियल गतिविधियों पर नगर निगम की कार्रवाई जारी, व्यापारियों ने थाली-शंख-डमरू बजाकर जताया विरोध; सीलिंग रोककर मास्टर प्लान लागू करने की मांग

भोपाल में रहवासी इलाकों में चल रही कमर्शियल गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई को लेकर मंगलवार को व्यापारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बन गई। सुबह करीब 9 बजे नगर निगम की टीम ने कोहेफिजा इलाके में चाय लीला कैफे समेत होटल, बुक शॉप और बेकरी पर सीलिंग की कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई से पहले कुछ प्रतिष्ठानों के संचालकों ने खुद ही अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए। नगर निगम की कार्रवाई का विरोध करने के लिए भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के बैनर तले बड़ी संख्या में व्यापारी सड़क पर उतर आए। व्यापारी सुबह करीब 11 बजे न्यू मार्केट स्थित नानके पेट्रोल पंप के पास एकत्र हुए और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात करने के लिए सीएम हाउस की ओर बढ़ने लगे। रोशनपुरा चौराहे से पहले पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर व्यापारियों को रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए सख्ती की। इस दौरान पुलिस और व्यापारियों के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई जैसी स्थिति बन गई और कुछ व्यापारी नीचे गिर गए। हालांकि किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और ‘तानाशाही बंद करो’ जैसे नारे लगाए। कई व्यापारी ‘सशक्त आवाज, व्यापारियों की आवाज’ लिखे बैनर लेकर पहुंचे। विरोध का अनोखा तरीका अपनाते हुए व्यापारियों ने सरकार की सद्बुद्धि के लिए थाली, शंख और डमरू बजाए। मौके पर ACP अखिल पटेल ई-रिक्शा पर चढ़कर व्यापारियों को समझाते नजर आए, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। व्यापारियों की मुख्य मांग है कि भोपाल में जारी सीलिंग कार्रवाई को रोका जाए और व्यापारियों को राहत देते हुए मास्टर प्लान लागू किया जाए। भोपाल व्यापारी महासंघ संघर्ष समिति के अध्यक्ष आनंद सोनी ने कहा कि व्यापारी अपनी मांगों का ज्ञापन देने आए हैं और वे सरकार से बातचीत के जरिए समाधान चाहते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अभी शहर के करीब 10 प्रतिशत व्यापारी ही आंदोलन में शामिल हुए हैं और यदि सीलिंग की कार्रवाई जारी रही तो बड़ी संख्या में व्यापारी सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। इस बीच व्यापारियों ने SDM को ज्ञापन देने से भी इनकार कर दिया। SDM ने व्यापारियों से प्रशासन के साथ बातचीत करने और अपनी मांगों का ज्ञापन देने की अपील की। दूसरी ओर भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष गोविंद गोयल ने नगर निगम की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि व्यापारियों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं है। उनका कहना था कि नगर निगम को व्यापारियों की परेशानी को समझना चाहिए। रोशनपुरा के अलावा करोंद क्षेत्र में भी व्यापारी कार्रवाई के विरोध में सड़क पर उतरे और नारेबाजी की। प्रदर्शन में एक व्यापारी महात्मा गांधी के गेटअप में भी पहुंचा और व्यापारियों की मांगों के समर्थन में विरोध जताया। फिलहाल एक तरफ नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई जारी है, तो दूसरी ओर व्यापारी संगठन इसके विरोध में आंदोलन तेज करने की चेतावनी दे रहे हैं। इससे भोपाल में प्रशासन और व्यापारियों के बीच टकराव बढ़ने की स्थिति बनी हुई है।




