बिहार में गंगा उफान पर, पटना में बाढ़ का खतरा; 31 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
दियारा क्षेत्रों में स्कूल बंद, बक्सर में सड़कों पर चढ़ा पानी; कई नदियां खतरे के निशान के करीब, नाव पलटने से महिला की मौत

बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और लगातार बारिश के साथ गंगा समेत कई नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। पटना, बेगूसराय, जहानाबाद और खगड़िया समेत कई जिलों में मंगलवार से रुक-रुककर बारिश जारी है। मौसम विभाग ने आज पटना समेत प्रदेश के 31 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि बाकी जिलों में बादल छाए रहने और उमस बढ़ने की संभावना जताई गई है। बंगाल की खाड़ी और उससे सटे गंगीय क्षेत्रों में बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण बिहार, झारखंड और ओडिशा में बारिश का दौर बना हुआ है और यह सिस्टम अगले 48 घंटे तक सक्रिय रहने की संभावना है। दूसरी ओर, बिहार में गंगा नदी उफान पर है और पटना में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। इंद्रपुरी बराज से सोन नदी में करीब 4.25 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद पटना के निचले इलाकों में चिंता बढ़ गई है। दीघा घाट पर गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जबकि पुनपुन नदी भी लाल निशान से करीब 160 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है। जलस्तर बढ़ने के कारण पटना के नकटा दियारा, दानापुर के पन्नापुर दियारा और मोकामा-बख्तियारपुर के दियारा इलाकों में स्कूल बंद रखने पड़े हैं। कुछ इलाकों में अस्पतालों में भी पानी घुसने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं। जहानाबाद में दरधा नदी का पानी जाफरगंज पुल के ऊपर से बह रहा है और करीब दो फीट पानी पुल पर जमा होने से आवागमन प्रभावित हुआ है। बक्सर और भोजपुर में भी गंगा का जलस्तर बढ़ने से सहायक नदियां उफान पर हैं। कर्मनाशा नदी का पानी सिकरौल गांव के रास्ते पर करीब तीन फीट तक चढ़ गया है, जिससे ग्रामीणों को जोखिम उठाकर आवागमन करना पड़ रहा है। कैमूर की पहाड़ियों में हुई भारी बारिश के कारण दुर्गावती, सुगवा समेत कई नदियों में तेज बहाव देखने को मिल रहा है। सुगवा नदी का पानी गुप्ता धाम के मुख्य द्वार तक पहुंच गया और वहां लगी कई दुकानें बाढ़ के पानी में बह गईं। सहरसा में तेज हवा के कारण 15 लोगों से भरी नाव पलटने की घटना में एक महिला की मौत हो गई, जबकि एक बच्ची के लापता होने की सूचना है। भागलपुर के नवगछिया में गंगा के कटाव से करीब 100 साल पुराना दुर्गा मंदिर नदी में समा गया। वहीं एक अन्य घटना में 11 मजदूरों से भरी नाव तेज धार की चपेट में आ गई, हालांकि सभी के सुरक्षित होने की जानकारी है। नालंदा में सकरी नदी का जलस्तर बढ़ने से शेखपुरा पश्चिमी और नालंदा पूर्वी के बीच सीधा संपर्क प्रभावित हुआ है और हाईवेर्जन के ऊपर से पानी बह रहा है। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। मौसम विभाग के अलर्ट के बीच लोगों को नदियों, पुलों और तेज बहाव वाले रास्तों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।



