सीधी में सड़क के लिए लीला साहू का धरना: सांसद राजेश मिश्रा को रावण बताया, बोलीं- 2026 तक सड़क नहीं बनी तो राजनीतिक असर पड़ेगा
खड्डी खुर्द में 14 सितंबर से ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठी हैं लीला साहू, खराब सड़क के कारण एंबुलेंस नहीं पहुंचने का दावा

सीधी। रामपुर नैकिन तहसील के खड्डी खुर्द गांव में सड़क निर्माण की मांग को लेकर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर लीला साहू ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठी हैं। उनका धरना 14 सितंबर से जारी है। सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर लीला साहू ने सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा पर भी निशाना साधा है।
उन्होंने सांसद की तुलना रावण से करते हुए कहा कि अगर वर्ष 2026 तक गांव की सड़क नहीं बनती है तो इसका राजनीतिक असर सांसद की संसदीय सीट पर पड़ सकता है। लीला साहू का कहना है कि लंबे समय से ग्रामीण सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ।
प्रसव पीड़ा में महिला को नहीं पहुंची एंबुलेंस
धरने के दौरान लीला साहू ने सोमवार रात की एक घटना का जिक्र किया। उनके मुताबिक, खड्डी खुर्द निवासी 24 वर्षीय निर्मला साहू को रात करीब 1 बजे प्रसव पीड़ा हुई।
निर्मला के पति रामदयाल साहू ने एंबुलेंस को फोन किया। लीला साहू का दावा है कि करीब दो घंटे बाद एंबुलेंस गांव से लगभग 3 किलोमीटर पहले ही रुक गई, क्योंकि खराब सड़क के कारण वाहन आगे नहीं जा सका।
इसके बाद महिला को अस्पताल ले जाने के बजाय घर पर ही प्रसव कराना पड़ा। लीला साहू ने कहा कि सड़क की खराब स्थिति के कारण इस तरह की परिस्थितियों में जच्चा और बच्चे की जान जोखिम में पड़ सकती है।
सांसद की तुलना रावण से की
लीला साहू ने प्रदर्शन के दौरान सांसद राजेश मिश्रा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस तरह रावण का साम्राज्य समाप्त हुआ था, उसी तरह सांसद का राजनीतिक साम्राज्य भी बिखर सकता है।
उन्होंने कहा कि यदि 2026 तक सड़क का निर्माण नहीं हुआ तो इसका असर सांसद की सीट पर पड़ेगा।
यह बयान लीला साहू के आंदोलन के दौरान दिए गए राजनीतिक आरोप और चेतावनी के तौर पर सामने आया है।
पुराने विवाद का भी किया जिक्र
लीला साहू ने एक पुरानी घटना का उल्लेख करते हुए दावा किया कि जब वह गर्भवती थीं, उस समय उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान उन्हें हेलीकॉप्टर से उठा ले जाने की बात कही गई थी।
इसी संदर्भ में उन्होंने सवाल किया कि जब आज गांव की एक महिला को प्रसव के समय मदद की जरूरत पड़ी तो सांसद का हेलीकॉप्टर क्यों नहीं आया।
जल निगम की गाड़ी फंसने का दावा
लीला साहू ने गांव की सड़क की मौजूदा स्थिति को लेकर जल निगम की गाड़ी फंसने का भी दावा किया है। उनका आरोप है कि जल निगम के काम के बाद सड़क की हालत और खराब हो गई।
उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों पर ग्रामीणों की समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाते हुए सड़क निर्माण की मांग जल्द पूरी करने की बात कही।
दो साल से सड़क के लिए आंदोलन का दावा
लीला साहू के मुताबिक, वह करीब दो साल से खड्डी खुर्द की सड़क के निर्माण की मांग उठा रही हैं। इस दौरान कई बार ज्ञापन दिए गए, धरना-प्रदर्शन किए गए और अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों से मुलाकात भी की गई।
उनका कहना है कि लगातार प्रयासों के बावजूद सड़क को लेकर स्थायी समाधान नहीं हुआ। अब 14 सितंबर से शुरू किए गए धरने के दौरान एंबुलेंस के गांव तक नहीं पहुंचने की घटना सामने आने के बाद उन्होंने आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी है।
फिलहाल ग्रामीणों के साथ लीला साहू का धरना जारी है और सड़क निर्माण को लेकर प्रशासन की ओर से आगे क्या कदम उठाया जाता है, इस पर नजर बनी हुई है।
नोट: एंबुलेंस के गांव से पहले रुकने, सड़क की स्थिति और अन्य लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। सांसद या संबंधित विभाग का पक्ष सामने आने पर उसे भी शामिल किया जाना चाहिए।




