करोड़पति कारोबारी की बहू दुपट्टे से चेहरा छिपाती रही: कानपुर कोर्ट में पेश हुए तीन आरोपी, पुलिस ने 24 घंटे की रिमांड मांगी
विनीत मनोचा हत्याकांड में डुप्लीकेट चाबी, कॉल डिटेल और CCTV फुटेज की जांच; शालू पेशी के दौरान दुपट्टे से चेहरा छिपाती नजर आई

कानपुर। करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मनोचा की हत्या के मामले में आरोपी बहू शालू, नौकर विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर को बुधवार को कानपुर की अदालत में पेश किया गया। पेशी के दौरान शालू दुपट्टे से अपना चेहरा ढकती नजर आई और पुलिसकर्मियों से कैमरों को रोकने के लिए कहा।
तीनों आरोपियों को सीजेएम प्रदीप कुमार शुक्ला की अदालत में सुबह करीब 10:30 बजे पेश किया गया। इसके बाद मामले को एसीजेएम कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया।
पुलिस ने तीनों आरोपियों से पूछताछ के लिए 24 घंटे की रिमांड मांगी है। विवेचक ने कारोबारी के फ्लैट की चाबियों और आरोपियों द्वारा बनवाई गई डुप्लीकेट चाबी की बरामदगी की जरूरत बताई। मामले की अगली सुनवाई 19 सितंबर को होगी।
5 सितंबर को फ्लैट में हुई थी कारोबारी की हत्या
विनीत मनोचा की 5 सितंबर को उनके फ्लैट के कमरे में हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच में उनकी बहू शालू पर हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप है। पुलिस का आरोप है कि शालू ने नौकर विशाल से ससुर की हत्या कराई।
मामले में विशाल गौतम और राजकिशोर को भी आरोपी बनाया गया है।
कॉल डिटेल से पुलिस ने जोड़ी कड़ियां
पुलिस के मुताबिक 5 सितंबर की रात सोसाइटी में दाखिल होने के बाद विशाल और राजकिशोर करीब 48 मिनट तक अपार्टमेंट परिसर में घूमते रहे। इस दौरान दोनों के बीच मोबाइल पर तीन बार बातचीत हुई।
जांच एजेंसियों के अनुसार इन बातचीत के दौरान फ्लैट में प्रवेश करने और हत्या की योजना से जुड़ी बातें हुई होंगी। पुलिस इस संबंध में कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक रात 8:46 बजे विशाल और राजकिशोर शालू के कहने पर गजरा लेकर पहुंचे थे। रात 9:38 बजे दोनों अपार्टमेंट में दाखिल हुए। करीब 9:50 बजे शालू को सामान देने के बाद दोनों परिसर में घूमते रहे।
रात 10:38 बजे दोनों कथित तौर पर डुप्लीकेट चाबी से विनीत के फ्लैट में दाखिल हुए।
कारोबारी के घर पहुंचते ही हुआ संघर्ष
पुलिस के मुताबिक रात करीब 10:58 बजे विनीत अपने घर पहुंचे। उन्हें शालू के कमरे से आहट सुनाई दी। कमरे में पहुंचने पर दोनों आरोपी वहां छिपे मिले।
इसके बाद संघर्ष हुआ। पुलिस के अनुसार रात करीब 11:28 बजे दोनों आरोपी फ्लैट से बाहर निकलते हुए CCTV में दिखाई दिए।
पहले एक आरोपी को अंदर भेजने की थी योजना
पुलिस पूछताछ के अनुसार शुरुआत में योजना थी कि एक आरोपी फ्लैट के अंदर जाएगा और दूसरा बाहर निगरानी करेगा। हालांकि, कारोबारी के मजबूत शरीर को देखते हुए दोनों ने साथ अंदर जाने का फैसला किया।
पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल खंगालने के साथ पूछताछ के आधार पर वारदात से पहले और बाद की गतिविधियों की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की है।
हत्या से दो दिन पहले खरीदा गया नया सिम
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के मुताबिक विशाल ने हत्या से दो दिन पहले 3 सितंबर को नया सिम खरीदा था। इसके लिए कथित तौर पर शिवम नाम के आधार कार्ड का इस्तेमाल पहचान पत्र के रूप में किया गया।
पुलिस के अनुसार 3 से 6 सितंबर के बीच विशाल ने शालू से सात और सुब्रत से छह बार फोन पर बातचीत की। वहीं 1 मई से 6 सितंबर के बीच विशाल और राजकिशोर के बीच 21 बार फोन पर बातचीत होने की जानकारी पुलिस जांच में सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद 6 सितंबर की सुबह 7:57 बजे विशाल ने नया सिम बंद कर दिया।
वारदात के बाद दोस्त को किया फोन
पुलिस के मुताबिक नए सिम को बंद करने के बाद विशाल ने Uber कैब बुक की। रात 11:38 बजे उसने मीरपुर कैंट निवासी अपने दोस्त नैतिक वर्मा उर्फ किशन को फोन किया।
पुलिस इस कॉल और वारदात के बाद विशाल की गतिविधियों की भी जांच कर रही है।
किटी पार्टी की चार घंटे की रिकॉर्डिंग भी जांच में
पुलिस ने तिलक नगर स्थित कॉस्मोजिन लाउंज में हुई कपल किटी पार्टी की करीब चार घंटे की वीडियो रिकॉर्डिंग भी अपने कब्जे में ली है।
पुलिस के मुताबिक हत्या के समय शालू और उसके पति सुब्रत के पार्टी में होने की बात सामने आई है। जांच टीम रिकॉर्डिंग के जरिए उस समय दोनों की गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही है।
पत्नी की 2022 की वसीयत भी जांच के दायरे में
जांच के दौरान पुलिस को विनीत की पत्नी पुनीता मिनोचा की जून 2022 में तैयार वसीयत का दस्तावेज रजिस्ट्री कार्यालय से मिला है।
पुलिस इसकी जांच कर रही है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि वसीयत में संपत्ति किसके नाम की गई थी। पुलिस इस दस्तावेज को हत्या के संभावित कारणों की जांच के हिस्से के तौर पर देख रही है।
शालू की जमानत याचिका पर भी सुनवाई
शालू की जमानत याचिका पर मंगलवार को जिला जज की अदालत में सुनवाई हुई। रिपोर्ट के मुताबिक शालू के अधिवक्ता की ओर से फिलहाल जमानत याचिका पर जोर नहीं दिया गया।
मामले में पुलिस की जांच जारी है और अगली सुनवाई 19 सितंबर को होनी है।
हमारे मठ | RNI NO. HARHIN/2023/90591




