सुपरिटेंडेंट इंजीनियर के ठिकानों पर छापेमारी: 7 प्लॉट, फ्लैट और करोड़ों की संपत्ति के दस्तावेज मिले
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की पटना, फुलवारीशरीफ, एजी कॉलोनी और पूर्णिया में कार्रवाई; जांच एजेंसी ने 1.97 करोड़ रुपए से अधिक की आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया

भवन निर्माण विभाग के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर सत्येंद्र कुमार चौधरी के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बुधवार को कार्रवाई की। जांच एजेंसी की टीमों ने पटना, फुलवारीशरीफ, एजी कॉलोनी और पूर्णिया स्थित उनके चार ठिकानों पर एक साथ तलाशी ली।
निगरानी के अनुसार, तलाशी के दौरान कई अचल संपत्तियों, नकदी, आभूषण और वित्तीय दस्तावेजों से संबंधित जानकारी सामने आई है। एजेंसी ने इंजीनियर के खिलाफ 1 करोड़ 97 लाख 58 हजार 70 रुपए की आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, यह उनकी वैध आय से करीब 68 प्रतिशत अधिक है।
पांच मंजिला मकान और कई प्लॉट की जानकारी
निगरानी के मुताबिक, जांच में सत्येंद्र कुमार चौधरी, उनकी पत्नी उषा देवी और परिवार के सदस्यों के नाम पर कई अचल संपत्तियों की जानकारी मिली है।
जांच एजेंसी के अनुसार, फुलवारीशरीफ में पांच मंजिला मकान, नौबतपुर में कुल करीब 74 डिसमिल के चार प्लॉट और दानापुर में करीब 7.18 डिसमिल का एक प्लॉट मिला है।
इसके अलावा ग्रेटर नोएडा में एक फ्लैट की जानकारी भी जांच टीम को मिली है। एजेंसी के अनुसार, इन संपत्तियों को वर्ष 2011 से 2025 के बीच खरीदे जाने की बात सामने आई है।
लिफ्ट, एसी और सोलर पैनल वाला मकान
फुलवारीशरीफ स्थित मकान में निगरानी टीम ने देर रात तक तलाशी ली। रिपोर्ट के मुताबिक, मकान में लिफ्ट, करीब 10 एसी, सोलर पैनल और महंगे फर्नीचर मौजूद मिले।
मकान और अन्य संपत्तियों के मूल्यांकन की प्रक्रिया की जा रही है। एजी कॉलोनी स्थित तीन मंजिला भवन की भी तलाशी ली गई।
जांच एजेंसी ने अचल संपत्ति की कीमत करीब 3.60 करोड़ रुपए और चल संपत्ति का मूल्य करीब 26 लाख रुपए आंका है। वहीं, मकान की बाजार कीमत को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आने की बात कही गई है, जिसका आधिकारिक मूल्यांकन जांच के बाद स्पष्ट होगा।
बैंक खातों और वित्तीय दस्तावेजों की भी जांच
छापेमारी के दौरान संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों का विवरण, निवेश से संबंधित कागजात और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड मिलने की जानकारी दी गई है।
जांच टीम इन दस्तावेजों के आधार पर संपत्तियों के स्रोत और इंजीनियर की घोषित आय के बीच संबंधों की जांच कर रही है। बैंक लेनदेन और अन्य वित्तीय गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है।
पूर्णिया में घर और कार्यालय पर भी कार्रवाई
सत्येंद्र कुमार चौधरी के पूर्णिया स्थित घर और कार्यालय पर भी निगरानी टीम ने तलाशी ली। बताया गया कि बुधवार सुबह करीब 7 बजे डीएसपी संतोष कुमार और बिनोद कुमार के नेतृत्व में 9 सदस्यीय टीम ने कार्रवाई शुरू की।
सत्येंद्र कुमार चौधरी मूल रूप से धनरुआ के भदौरा के रहने वाले बताए गए हैं। जुलाई 2026 में उन्हें एग्जीक्यूटिव इंजीनियर से प्रमोट कर सुपरिटेंडेंट इंजीनियर बनाया गया था। इसके बाद उनका तबादला पटना से पूर्णिया किया गया था।
जांच के बाद स्पष्ट होगी संपत्तियों की वास्तविक स्थिति
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा दर्ज मामले में आय और संपत्ति के बीच अंतर की जांच की जा रही है। बरामद दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड के सत्यापन के बाद संपत्तियों के स्वामित्व, खरीद के स्रोत और वास्तविक मूल्य से जुड़ी स्थिति स्पष्ट होगी।
फिलहाल मामले में जांच जारी है।




