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इंदिरा ने अपने ही लोगों पर बम बरसाए: चूहों के अकाल से शुरू हुआ मिजोरम का विद्रोह, अलग देश की मांग तक पहुंचा आंदोलन
एक चूहा मारने पर 20 पैसे इनाम से लेकर 1966 की आइजोल बमबारी तक; 1986 के मिजो शांति समझौते के बाद खत्म हुआ दशकों पुराना संघर्ष

मिजोरम के इतिहास का एक ऐसा दौर, जिसमें बांस के फूलने से शुरू हुआ चूहों का प्रकोप अकाल में बदला और फिर यही संकट धीरे-धीरे राजनीतिक असंतोष और अलग देश की मांग का कारण बना। 1966 में मिजो नेशनल फ्रंट के सशस्त्र विद्रोह के बाद आइजोल में भारतीय वायुसेना की कार्रवाई हुई। करीब दो दशक बाद 1986 में मिजो शांति समझौते के साथ संघर्ष का रास्ता बातचीत और राजनीतिक प्रक्रिया की ओर मुड़ा।
मुख्य बिंदु:
- 1958 में बांस के फूलने के बाद चूहों की संख्या तेजी से बढ़ी और ‘मौतम’ अकाल पड़ा।
- सरकार ने चूहा मारने पर 20 पैसे प्रति पूंछ इनाम घोषित किया।
- राहत अभियान से बना MNFF बाद में मिजो नेशनल फ्रंट (MNF) में बदल गया।
- 28 फरवरी 1966 को MNF ने सशस्त्र विद्रोह शुरू किया और 1 मार्च को स्वतंत्र मिजोरम की घोषणा की।
- 5 मार्च 1966 को आइजोल में भारतीय वायुसेना की कार्रवाई हुई।
- 30 जून 1986 को मिजो शांति समझौता हुआ और 20 फरवरी 1987 को मिजोरम पूर्ण राज्य बना।




