4.30 करोड़ की नलजल योजना बंद, 3 हजार परिवारों को खरीदना पड़ रहा पीने का पानी
मुरैना में 4.30 करोड़ की नलजल योजना बंद, 3000 परिवार खरीद रहे पीने का पानी

मुरैना के रामपुरकलां कस्बे में करीब 17 हजार की आबादी के सामने पेयजल संकट बना हुआ है। जल जीवन मिशन के तहत लगभग 4.30 करोड़ रुपए की नलजल योजना स्वीकृत होने के बावजूद ग्रामीणों को घरों तक नियमित पानी नहीं मिल पा रहा है। स्थिति यह है कि करीब 3 हजार परिवारों को पीने के पानी के लिए पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक, पानी लेने के लिए निजी स्तर पर भुगतान करना पड़ रहा है। करीब आधे घंटे के पानी के लिए 200 रुपए, जबकि एक घंटे के लिए 400 रुपए तक वसूले जाने की बात सामने आई है।
चार महीने बाद भी शुरू नहीं हुई योजना
ग्रामीणों ने बताया कि 11 मई को कलेक्टर लोकेश जांगिड़ ने रामपुरकलां में ग्राम चौपाल लगाई थी। इस दौरान उन्होंने तत्कालीन पीएचई एसडीओ शालिनी सिंह से नलजल योजना शुरू होने की समय-सीमा के बारे में जानकारी ली थी।
अधिकारियों की ओर से उस समय करीब तीन महीने में योजना शुरू होने की बात कही गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि चार महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी योजना शुरू नहीं हो पाई है।
अधूरी पड़ी है पानी की टंकी
जल जीवन मिशन के तहत रामपुरकलां में घर-घर पानी पहुंचाने के लिए शुरू की गई योजना का काम अभी अधूरा बताया जा रहा है। पानी की टंकी का निर्माण भी पूरा नहीं हुआ है।
टंकी के पिलर खड़े कर ढांचा तैयार कर दिया गया है, लेकिन प्लास्टर का काम अब तक बाकी है। योजना के अन्य हिस्सों की स्थिति को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं।
प्रशासन ने टीम भेजकर जांच कराने की बात कही
क्षेत्र में पानी की समस्या को लेकर सीईओ कमलेश भार्गव ने कहा कि रामपुरकलां में पेयजल की समस्या है। स्थिति का जायजा लेने के लिए टीम भेजी जाएगी।
उन्होंने बताया कि जरूरत के अनुसार नए बोर कराए जाएंगे और बंद पड़े बोर की भी जांच कराई जाएगी। प्रशासन की ओर से क्षेत्र में पानी की उपलब्धता सुधारने के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही गई है।
12 साल बाद भी समस्या बरकरार
ग्रामीणों का कहना है कि रामपुरकलां में पेयजल समस्या लंबे समय से बनी हुई है। करीब 17 हजार की आबादी वाले कस्बे में जल जीवन मिशन से उम्मीद थी कि घर-घर नल से पानी मिलने लगेगा, लेकिन योजना के अधूरे रहने से लोगों की परेशानी कम नहीं हुई है।
फिलहाल ग्रामीणों को योजना के पूरी तरह शुरू होने और नियमित पेयजल आपूर्ति बहाल होने का इंतजार है।
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