नितिन नबीन का राहुल गांधी पर तंज, बोले- ‘सत्ता का रास्ता नहीं दिख रहा इसलिए विपक्ष बेचैन’
नितिन नबीन का राहुल गांधी पर तंज, MP में 50 लाख ग्रामीण संपत्तियों की फ्री रजिस्ट्री शुरू

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर मध्य प्रदेश पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने इंदौर और उज्जैन में आयोजित कार्यक्रमों में सरकार की योजनाओं का जिक्र किया और कांग्रेस समेत विपक्ष पर राजनीतिक निशाना साधा। राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद यह उनका पहला मध्य प्रदेश दौरा बताया गया है।
इंदौर में नबीन ने स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण संपत्तियों के नि:शुल्क पंजीयन अभियान की शुरुआत से जुड़े कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इसके बाद उन्होंने उज्जैन में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में भाग लिया।
राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर टिप्पणी
इंदौर में नितिन नबीन ने 19 सितंबर को होने वाले राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कांग्रेस के युवा मुद्दों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जो लोग आज युवाओं की बात कर रहे हैं, उन्हें अपने शासनकाल में युवाओं के लिए किए गए कामों का भी जवाब देना चाहिए।
नबीन ने केंद्र की स्टार्टअप और मुद्रा ऋण जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे युवाओं को कारोबार और रोजगार के अवसर मिले हैं। उन्होंने विपक्ष की राजनीति को लेकर भी टिप्पणी की और कहा कि भाजपा की प्राथमिकता ‘नेशन फर्स्ट’ है।
राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम 19 सितंबर को इंदौर में प्रस्तावित है। रिपोर्टों के अनुसार, कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस की ओर से बड़े स्तर पर तैयारियां की गई हैं।
‘सेवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत
इंदौर में नितिन नबीन की मौजूदगी में प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के अवसर पर ‘सेवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत की गई। भाजपा की ओर से इसे सेवा गतिविधियों से जोड़कर प्रस्तुत किया गया है।
उज्जैन में आयोजित कार्यक्रम में नबीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और उनकी सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समेत प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
मध्य प्रदेश में करीब 50 लाख ग्रामीण संपत्तियों की फ्री रजिस्ट्री
इंदौर में मध्य प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों की संपत्तियों के नि:शुल्क पंजीयन अभियान की शुरुआत की। सरकार के अनुसार, पात्र ग्रामीण संपत्ति धारकों से स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क नहीं लिया जाएगा और इसका खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।
रिपोर्टों के अनुसार, प्रदेश में लगभग 50 लाख ग्रामीण निजी संपत्तियों को इस अभियान के दायरे में लाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार ने इसे ग्रामीण परिवारों को संपत्ति से जुड़े कानूनी दस्तावेज उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
संपत्ति के दस्तावेज से मिल सकता है ऋण का रास्ता
स्वामित्व योजना का व्यापक उद्देश्य ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों में संपत्ति मालिकों को उनके अधिकारों का रिकॉर्ड उपलब्ध कराना है। केंद्र की योजना में ड्रोन सर्वे और CORS तकनीक के माध्यम से ग्रामीण आबादी क्षेत्रों की मैपिंग कर संपत्ति अधिकार रिकॉर्ड तैयार करने का प्रावधान है।
मध्य प्रदेश सरकार का कहना है कि पंजीकृत दस्तावेज मिलने से ग्रामीण परिवार अपनी संपत्ति का उपयोग संस्थागत ऋण के लिए भी कर सकेंगे।
राज्य में अभियान की शुरुआत के दौरान आगर-मालवा जिले के बड़ौद निवासी सीताराम को पहली रजिस्ट्री सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है।
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