Haryana ATS गठन पर वित्त विभाग की आपत्ति, दूसरे राज्यों के खर्च का मांगा ब्योरा
हरियाणा में एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) के गठन को लेकर गृह विभाग द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव पर वित्त विभाग ने आपत्ति जताई है। हालांकि सरकार पहले ही बजट में 35 करोड़ रुपए का प्रावधान कर चुकी है और मानव संसाधन विभाग 575 अधिकारियों व कर्मचारियों की भर्ती को मंजूरी दे चुका है

वित्त विभाग ने मांगी दूसरे राज्यों की जानकारी
वित्त विभाग ने गृह विभाग से उत्तर प्रदेश, गुजरात, पंजाब और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में ATS के ढांचे, स्वीकृत पदों, कर्मचारियों की भूमिका, योग्यता और विशेष हथियारों पर होने वाले खर्च का पूरा ब्यौरा मांगा है।
इसके जवाब में हरियाणा पुलिस और DGP कार्यालय ने विस्तृत रिपोर्ट वित्त विभाग को भेज दी है। अब प्रस्ताव को दोबारा मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को दिए निर्देश
दस्तावेजों के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ATS के लिए मॉडल स्ट्रक्चर भेजा है। दिसंबर 2025 में आयोजित एंटी टेरर कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय गृह मंत्री ने सभी राज्यों में ATS गठन की जरूरत पर जोर दिया था।
दो साल में आतंक से जुड़े 27 मामले दर्ज
हरियाणा पुलिस ने वित्त विभाग को बताया कि पिछले दो वर्षों में राज्य में आतंक से जुड़े 27 मामले दर्ज किए गए। विशेष ATS यूनिट और संसाधनों की कमी के कारण इनमें से तीन मामलों को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को ट्रांसफर करना पड़ा।
575 अधिकारियों और कर्मचारियों का होगा स्टाफ
प्रस्तावित ATS में कुल 575 अधिकारियों और कर्मचारियों का स्टाफ होगा। इसमें कांस्टेबल और 50 प्रतिशत सब-इंस्पेक्टर पद सीधी भर्ती से भरे जाएंगे।
कांस्टेबल के लिए न्यूनतम योग्यता 10+2 और सब-इंस्पेक्टर के लिए ग्रेजुएशन निर्धारित की गई है।
ATS कर्मचारियों को मिल सकता है रिस्क अलाउंस
DGP कार्यालय ने बताया कि उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में ATS कर्मियों को बेसिक पे का 30 प्रतिशत तक रिस्क अलाउंस दिया जाता है। इसी तर्ज पर हरियाणा में भी विशेष भत्ता देने का प्रस्ताव रखा गया है।
हाईटेक ट्रेनिंग सेंटर और आधुनिक संसाधन मिलेंगे
सरकार ATS के लिए अलग कार्यालय, आवासीय सुविधा, ट्रांसपोर्ट और हाईटेक ट्रेनिंग सेंटर विकसित करेगी। इसमें इनडोर-आउटडोर फायरिंग रेंज, रणनीतिक ड्राइविंग प्रैक्टिस और विशेष ऑपरेशन ट्रेनिंग की सुविधाएं होंगी।
इसके अलावा ATS को आधुनिक हथियार, बख्तरबंद वाहन, हाईटेक मॉनिटरिंग सिस्टम, कम्युनिकेशन और कंप्यूटिंग उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
IGP स्तर का अधिकारी करेगा नेतृत्व
ATS का नेतृत्व IGP स्तर का IPS अधिकारी करेगा। इसके अलावा चार IPS अधिकारियों को SP स्तर की जिम्मेदारी दी जाएगी। यूनिट में 9 DSP, कानूनी अधिकारी, बैलेस्टिक विशेषज्ञ और वैज्ञानिक अधिकारियों की भी नियुक्ति की जाएगी।


