JJM घोटाले में पूर्व मंत्री महेश जोशी से 8 घंटे पूछताछ
टेंडर प्रक्रिया और अधिकारियों की भूमिका पर ACB के सवाल

Jaipur में जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले की जांच तेज हो गई है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने पूर्व मंत्री महेश जोशी से शुक्रवार को करीब 8 घंटे तक पूछताछ की। एसीबी ने उन्हें 7 मई को गिरफ्तार किया था और कोर्ट से 5 दिन की रिमांड प्राप्त की है।
सूत्रों के अनुसार एसीबी ने सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक पूर्व मंत्री से टेंडर प्रक्रिया, कमेटी गठन, अधिकारियों की भूमिका और फाइलों की मंजूरी को लेकर विस्तृत सवाल-जवाब किए।
टेंडर में अनियमितताओं की जांच
एसीबी जांच में यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि टेंडर प्रक्रिया में किन स्तरों पर अनियमितताएं हुईं और निर्णय लेने में कौन-कौन अधिकारी शामिल थे। पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की बात कही जा रही है।
संजय बड़ाया से भी हो सकती है पूछताछ
एसीबी सूत्रों के मुताबिक पूर्व मंत्री के सहयोगी संजय बड़ाया के विदेश से लौटने पर उनसे भी पूछताछ की जा सकती है। बड़ाया पर गणपति ट्यूबवैल कंपनी और श्याम ट्यूबवैल कंपनी को टेंडर दिलाने के बदले करीब 960 करोड़ रुपए की रिश्वत लेने का आरोप है।
फर्जी प्रमाण-पत्र और अधिकारियों की मिलीभगत के आरोप
जांच में सामने आया है कि जून 2022 में जयपुर में तत्कालीन अधिशासी अभियंता विशाल सक्सेना की पोस्टिंग को लेकर संजय बड़ाया की मुलाकात महेश जोशी से करवाई गई थी। आरोप है कि बड़ाया के प्रभाव में अधिकारियों को फर्जी अनुभव प्रमाण-पत्रों के आधार पर सकारात्मक सत्यापन रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए, जबकि प्रमाण-पत्रों के फर्जी होने की जानकारी पहले से थी।
इस मामले में मुकेश गोयल (तत्कालीन अधीक्षण अभियंता), जितेन्द्र शर्मा (तत्कालीन अधिशाषी अभियंता) और संजीव गुप्ता फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं।
शादी की सालगिरह के दिन हुई थी गिरफ्तारी
एसीबी ने पूर्व मंत्री महेश जोशी को 7 मई को जयपुर स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के दिन उनकी शादी की सालगिरह भी थी। जांच एजेंसी के अनुसार जल जीवन मिशन में करीब 900 करोड़ रुपए के घोटाले को लेकर यह कार्रवाई की गई है।
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