उत्तर छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट: मुंगेली में 200 ग्रामीण टापू जैसे हालात में फंसे, 24 घंटे बाद रेस्क्यू
मुंगेली में 200 ग्रामीण टापू जैसे हालात में फंसे, 24 घंटे बाद रेस्क्यू

छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रिय रहने के बीच उत्तर छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां सतर्क हैं। मुंगेली जिले में लगातार बारिश के बाद पसरहा पारा इलाके में पानी भरने से करीब 200 ग्रामीणों के लिए स्थिति मुश्किल हो गई और पूरा क्षेत्र टापू जैसा नजर आने लगा। ग्रामीण करीब 24 घंटे तक पानी से घिरे रहे, जिसके बाद रेस्क्यू टीमों ने अभियान चलाकर सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। पानी बढ़ने के कारण इलाके का संपर्क आसपास के क्षेत्रों से प्रभावित हो गया था और ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया। रेस्क्यू के दौरान स्थानीय प्रशासन और बचाव दलों ने स्थिति का जायजा लेते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। मानसून के सक्रिय होने के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में आज हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से लोगों को सावधानी बरतने और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है। राज्य में अब तक मानसून के दौरान सामान्य से करीब 5 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, लेकिन कुछ जिलों में कम समय में हुई तेज बारिश ने स्थानीय स्तर पर बाढ़ और जलभराव जैसी स्थिति पैदा कर दी है। मुंगेली में सामने आया मामला भी इसी तरह की स्थिति का उदाहरण है, जहां बारिश के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीणों को पानी से घिरे इलाके में रहना पड़ा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए आने वाले घंटों में भी कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है, इसलिए प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों पर नजर बनाए रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाने की तैयारी रखी है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे उफनते नदी-नालों, पुल-पुलियों और जलभराव वाले रास्तों को पार करने की कोशिश न करें और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें।




