झारखंड में आज 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर का असर, 31 अगस्त को 5 जिलों में ऑरेंज और 11 जिलों में येलो अलर्ट; राज्य में अब भी सामान्य से 10% कम बारिश

झारखंड में सक्रिय मानसून और बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर के प्रभाव से बारिश का दौर लगातार जारी है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार आज रांची समेत राज्य के 15 जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। रांची, खूंटी, रामगढ़, हजारीबाग, गिरिडीह, सिमडेगा, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, धनबाद, बोकारो, कोडरमा, दुमका, देवघर और जामताड़ा में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, जबकि अन्य जिलों में भी बादल छाए रहने और हल्की बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने 31 अगस्त के लिए भी कई जिलों में अलर्ट जारी किया है। रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा और लातेहार में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट है, जबकि गढ़वा, पलामू, चतरा, कोडरमा, हजारीबाग, रामगढ़, बोकारो, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सिमडेगा में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद एक सितंबर को लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, रांची, पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है, जबकि दो सितंबर को दुमका, देवघर, जामताड़ा, गिरिडीह, धनबाद, बोकारो, रामगढ़, हजारीबाग और कोडरमा में भारी बारिश हो सकती है। शनिवार को भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई, जिसमें लातेहार में सर्वाधिक 61 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई, जबकि रांची में 15 मिमी, देवघर में 19 मिमी, दारीसाई में 27 मिमी और अन्य कई इलाकों में भी बारिश हुई। लगातार बारिश के बावजूद झारखंड में मानसून की कुल स्थिति अभी सामान्य से नीचे है। एक जून से 29 अगस्त तक राज्य में सामान्य रूप से 786.5 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक 710.6 मिमी बारिश ही दर्ज हुई है, जो सामान्य से करीब 10 प्रतिशत कम है। हालांकि रांची में सामान्य से 7 प्रतिशत, पश्चिमी सिंहभूम में 44 प्रतिशत, सिमडेगा में 5 प्रतिशत, साहिबगंज में 9 प्रतिशत और खूंटी में 2 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में भी लो प्रेशर और सक्रिय मानसून के कारण बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। भारी बारिश वाले इलाकों में जलजमाव, निचले क्षेत्रों में पानी भरने और आवागमन प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। अगले कुछ दिनों में होने वाली बारिश राज्य के उन इलाकों में मानसूनी कमी को कुछ हद तक पूरा कर सकती है, जहां अब तक सामान्य से कम बारिश हुई है।




