झारखंड में भारी बारिश का अलर्ट, 16 जिलों पर मौसम विभाग की नजर
लो-प्रेशर सिस्टम के असर से मानसून सक्रिय, 6 जिलों में ऑरेंज और 10 में यलो अलर्ट; गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं को लेकर सावधानी की अपील

झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से तथा पश्चिम बंगाल-उत्तरी ओडिशा तट के पास बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने गढ़वा, पलामू, लातेहार, चतरा, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि हजारीबाग, बोकारो, कोडरमा, रांची, लोहरदगा, गुमला, खूंटी, गिरिडीह और धनबाद में यलो अलर्ट है। इस दौरान कई इलाकों में गरज-चमक के साथ वज्रपात और तेज हवाएं चलने की आशंका है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटे राज्य के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे और निम्न दबाव का क्षेत्र उत्तर ओडिशा तथा गंगीय पश्चिम बंगाल से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकता है। रांची और आसपास के इलाकों में भी बादल छाए रहने तथा मध्यम बारिश के आसार हैं। बारिश का असर 1 और 2 सितंबर को भी बने रहने की संभावना है, जबकि 3 सितंबर से गतिविधियां कुछ कमजोर पड़ सकती हैं। इसके बावजूद 4 सितंबर को रांची समेत कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और 5 सितंबर को गरज के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। लगातार बारिश से राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान में राहत और मौसम सुहावना रहने की उम्मीद है, लेकिन भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। मानसून की सक्रियता के बीच राज्य की बारिश की कमी भी घटकर करीब 8 फीसदी रह गई है। 1 जून से 30 अगस्त तक झारखंड में 729.5 मिमी बारिश दर्ज हुई, जबकि सामान्य बारिश 792.5 मिमी होनी चाहिए थी। मौसम विभाग ने लोगों से वज्रपात के दौरान खुले मैदान, पेड़ों, बिजली के खंभों और जलाशयों के आसपास जाने से बचने तथा तेज बारिश में अनावश्यक यात्रा न करने की अपील की है।




