नतालिया जानोस्जेक बोलीं- मैं ‘ड्रामा क्वीन’ नहीं, जो बिग बॉस में लड़ती रहूं; हिंदी बोलने में अब भी लगता है डर
हिंदी बोलने में अब भी लगता है डर

जयपुर। बिग बॉस फेम और एक्ट्रेस नतालिया जानोस्जेक ने कहा कि वह खुद को किसी ‘ड्रामा क्वीन’ के रूप में नहीं देखतीं और बिग बॉस के घर की तरह हर बात पर लड़ना उनका स्वभाव नहीं है। जयपुर कॉट्योर शो सीजन-14 के ग्रैंड फिनाले में ब्राइडल लुक में रैंप वॉक करने पहुंचीं नतालिया ने अपने जयपुर अनुभव, बिग बॉस की जर्नी, बॉलीवुड में अपने सफर, हिंदी सीखने की कोशिश और अपनी पहली लीड फिल्म को लेकर बातचीत की। उन्होंने कहा कि वह रोजाना हिंदी सीखने और बोलने की प्रैक्टिस कर रही हैं और उन्हें पूरी उम्मीद है कि 2027 की शुरुआत तक वह बिना रुके फर्राटेदार हिंदी बोल पाएंगी। नतालिया ने बताया कि कभी-कभी हिंदी बोलते समय उन्हें डर लगता है कि यदि उन्होंने कोई गलत वाक्य बोल दिया तो लोग उन पर हंसेंगे, लेकिन वह इस डर को अपनी सीखने की राह में बाधा नहीं बनने देना चाहतीं। उनका कहना है कि वह अच्छी और शुद्ध हिंदी बोलना चाहती हैं, ताकि लोग उनकी बात को आसानी से समझ सकें और उनकी भाषा की गलतियों पर ध्यान देने के बजाय उनकी बात को गंभीरता से लें। उन्होंने कहा कि हिंदी सीखने में समय जरूर लगेगा, लेकिन वह लगातार प्रयास कर रही हैं और रोजाना अभ्यास कर रही हैं। भारत के फैशन और पारंपरिक परिधानों को लेकर भी नतालिया ने अपनी पसंद जाहिर की। उन्होंने कहा कि भारत की खासियत यह है कि यहां हर लड़की खूबसूरत पारंपरिक परिधान पहनकर खुद को किसी राजकुमारी जैसा महसूस कर सकती है। उनके अनुसार यूरोप में आमतौर पर इतने भारी और पारंपरिक परिधान पहनने का चलन कम है, जबकि भारत में ऐसा लुक अपनाने पर उन्हें खुद शाही परिवार की राजकुमारी जैसा महसूस होता है। जयपुर कॉट्योर शो में उनकी ब्राइडल लुक वाली रैंप वॉक ने भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। नतालिया ने अपने अभिनय करियर और बिग बॉस के अनुभवों को लेकर भी खुलकर बात की तथा बताया कि भारतीय मनोरंजन जगत में काम करते हुए वह भाषा और संस्कृति को समझने पर लगातार ध्यान दे रही हैं। उनकी हिंदी सीखने की कोशिश इस बात का संकेत है कि वह भारतीय दर्शकों के साथ बेहतर जुड़ाव बनाना चाहती हैं और बॉलीवुड में अपने सफर को आगे बढ़ाने के लिए लगातार खुद को तैयार कर रही हैं।




