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यूपी में सपा 328 सीटों पर उतार सकती है उम्मीदवार, कांग्रेस को 75 सीटों का ऑफर; सीट बंटवारे पर सितंबर में फैसला संभव

अखिलेश यादव की अगुआई में 2027 का चुनाव लड़ने की तैयारी, कांग्रेस 200 सीटों की मांग पर अड़ी; गठबंधन में कई सीटों पर सपा अपने उम्मीदवारों को कांग्रेस के सिंबल पर उतार सकती है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर सियासी मंथन तेज है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक सपा करीब 328 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है, जबकि कांग्रेस को करीब 75 सीटें देने पर विचार चल रहा है। हालांकि कांग्रेस की ओर से करीब 200 सीटों पर चुनाव लड़ने का दावा किया गया है, इसलिए अंतिम समझौते का फॉर्मूला अभी स्पष्ट नहीं है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि कांग्रेस के हिस्से में आने वाली कुछ सीटों पर सिंबल कांग्रेस का हो सकता है, लेकिन उम्मीदवार सपा का रहने की संभावना है। सपा की ओर से तर्क दिया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में उसका संगठन कांग्रेस की तुलना में ज्यादा मजबूत है और 2024 के लोकसभा चुनाव में दोनों दलों के बीच हुए सीट बंटवारे को आधार बनाकर विधानसभा सीटों का फॉर्मूला तैयार किया जा सकता है। संभावित तौर पर रायबरेली, अमेठी, सहारनपुर, प्रयागराज, सीतापुर और बाराबंकी जैसे लोकसभा क्षेत्रों की विधानसभा सीटों पर कांग्रेस को हिस्सेदारी मिलने की चर्चा है। पश्चिमी यूपी में नोएडा, हापुड़, गाजियाबाद, बुलंदशहर, मथुरा और आगरा जैसी सीटों पर भी कांग्रेस की दावेदारी हो सकती है, जबकि वाराणसी क्षेत्र की कुछ सीटों पर प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के प्रभाव को देखते हुए कांग्रेस को मौका दिए जाने की संभावना बताई गई है। सपा 2017 के गठबंधन से भी सबक लेने की बात कर रही है, जब कांग्रेस ने 114 सीटों पर चुनाव लड़ा था लेकिन उसे केवल 7 सीटों पर जीत मिली थी। इसके अलावा सपा PDA रणनीति के तहत बड़ी संख्या में दलित और आदिवासी उम्मीदवारों को मैदान में उतारना चाहती है, इसलिए वह ज्यादा सीटें अपने पास रखना चाहती है। रिपोर्ट में बिहार के महागठबंधन में सीट बंटवारे में हुई देरी को भी सपा की रणनीति बदलने की एक वजह बताया गया है। दूसरी तरफ कांग्रेस के लिए भी गठबंधन महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि 2022 के विधानसभा चुनाव में अकेले लड़ने पर पार्टी सिर्फ 2 सीटें जीत सकी थी, जबकि 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा के साथ गठबंधन में उसे 6 सीटें मिली थीं। फिलहाल दोनों दलों के बीच अंतिम बातचीत बाकी है और रिपोर्ट के अनुसार सीटों पर फाइनल चर्चा सितंबर में होने की संभावना है।

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