JSSC CGL जांच में 1932 सफल अभ्यर्थियों की स्कैनिंग: अब रिश्तेदारों के बैंक खाते भी जांचेगी CID, जमीन बिक्री और बड़े लेन-देन पर नजर
परीक्षा से 3 महीने पहले और बाद के बैंक ट्रांजेक्शन, CDR व टावर लोकेशन की जांच; 460 से ज्यादा अभ्यर्थियों और संदिग्धों से पूछताछ, PGT परीक्षा के केंद्रवार आंकड़े भी जांच के घेरे में

रांची। JSSC CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही CID ने अब चयनित अभ्यर्थियों के वित्तीय लेन-देन की जांच का दायरा बढ़ा दिया है। जांच एजेंसी 1932 सफल अभ्यर्थियों के साथ उनके करीबी रिश्तेदारों के बैंक खातों की भी पड़ताल कर रही है।
CID को कथित तौर पर ऐसे इनपुट मिले हैं कि कुछ अभ्यर्थियों ने परीक्षा से जुड़े किसी संभावित सिंडिकेट को भुगतान करने के लिए जमीन बेचने या बड़ा कर्ज लेने जैसे कदम उठाए हो सकते हैं। इसी को देखते हुए अब अभ्यर्थियों के साथ उनके माता-पिता और भाई-बहनों के बैंक खातों की भी जांच की जा रही है।
परीक्षा से पहले और बाद के 6 महीने के लेन-देन पर नजर
जांच एजेंसी परीक्षा से तीन महीने पहले और तीन महीने बाद तक के बैंकिंग लेन-देन को खंगाल रही है। इसमें खातों में अचानक जमा हुई बड़ी रकम, संदिग्ध RTGS और NEFT ट्रांजेक्शन तथा असामान्य नकद निकासी पर विशेष नजर रखी जा रही है।
यदि किसी अभ्यर्थी या उसके रिश्तेदार के खाते में इस अवधि के दौरान बड़ी रकम का लेन-देन सामने आता है तो उसके स्रोत की जांच की जाएगी।
जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़े मामलों में खरीदार और विक्रेता की भूमिका भी जांच के दायरे में रखी गई है। संदिग्ध लेन-देन मिलने पर संबंधित अभ्यर्थियों को नोटिस देकर रकम के वैध स्रोत और संपत्ति बेचने की वजह बताने को कहा जा सकता है।
460 से ज्यादा अभ्यर्थियों और संदिग्धों से पूछताछ
CID अब तक 460 से अधिक अभ्यर्थियों, बिचौलियों और संदिग्ध सहयोगियों से पूछताछ कर चुकी है। जांच के लिए गठित विशेष कैंप में रोजाना करीब 20 से 25 अभ्यर्थियों को बुलाया जा रहा है।
पूछताछ के दौरान अभ्यर्थियों से परीक्षा की तैयारी, कोचिंग संस्थान, परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के तरीके और वित्तीय लेन-देन से संबंधित सवाल किए जा रहे हैं।
जांच एजेंसी डिजिटल, वित्तीय और फॉरेंसिक साक्ष्यों को एक साथ जोड़कर मामले में मजबूत साक्ष्य तैयार करने की दिशा में काम कर रही है।
कॉल रिकॉर्ड और टावर लोकेशन भी खंगाल रही CID
CID सफल अभ्यर्थियों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और टावर लोकेशन की भी जांच कर रही है। परीक्षा से करीब एक महीने पहले, परीक्षा के दिन और परीक्षा के बाद करीब 30 दिनों की गतिविधियों को जांच के दायरे में रखा गया है।
जांच एजेंसी ने कथित पेपर लीक सिंडिकेट, सॉल्वर गैंग और बिचौलियों से जुड़े मोबाइल नंबरों की सूची तैयार की है। अब सफल अभ्यर्थियों के कॉलिंग नेटवर्क का इन नंबरों से मिलान किया जा रहा है।
यदि किसी अभ्यर्थी का संदिग्ध नेटवर्क से लगातार संपर्क सामने आता है तो उस संपर्क की प्रकृति और उद्देश्य की जांच की जा रही है।
JSSC PGT परीक्षा के आंकड़ों पर भी उठे सवाल
JSSC की PGT शिक्षक नियुक्ति परीक्षा को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। 3120 पदों के लिए 24 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित परीक्षा में अनारक्षित श्रेणी के 804 अभ्यर्थियों के सफल होने की बात सामने आई है।
उपलब्ध केंद्रवार आंकड़ों के अनुसार, इनमें से 479 यानी करीब 60% अभ्यर्थी छह केंद्रों से सफल हुए। इनमें बोकारो के परीक्षा केंद्र संख्या 102 से सबसे ज्यादा 147 अभ्यर्थियों के सफल होने का आंकड़ा सामने आया है।
इसके अलावा केंद्र संख्या 108 और 123 से 69-69, केंद्र संख्या 103 से 67 और केंद्र संख्या 114 से 64 अभ्यर्थियों के सफल होने की जानकारी दी गई है।
हालांकि, केवल केंद्रवार सफलता के आंकड़े अपने आप में किसी गड़बड़ी का प्रमाण नहीं हैं। इन आंकड़ों को लेकर यदि कोई जांच होती है तो अन्य साक्ष्यों के साथ उनका परीक्षण जरूरी होगा।
फिजिक्स और बायोलॉजी में भी केंद्र 102 के आंकड़े चर्चा में
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, भौतिकी विषय में कुल 94 अभ्यर्थी सफल हुए, जिनमें 29 अभ्यर्थी अकेले केंद्र संख्या 102 से बताए गए हैं।
जीव विज्ञान में कुल 90 सफल अभ्यर्थियों में से 21 इसी केंद्र से सफल हुए। वहीं भूगोल में सफल 70 अभ्यर्थियों में से 41 बोकारो के दो केंद्रों से बताए गए हैं। हालांकि उपलब्ध आंकड़ों में इन 41 अभ्यर्थियों का दोनों केंद्रों के बीच अलग-अलग विवरण स्पष्ट नहीं है।
अभय तिवारी के इसी केंद्र से टॉप करने का दावा
केंद्र संख्या 102 इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि JPSC और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित सेटिंग सिंडिकेट से जुड़े होने के आरोपी अभय तिवारी ने भी इसी केंद्र से परीक्षा देने और अंग्रेजी विषय की मेरिट में शीर्ष स्थान हासिल करने की बात सामने आई है।
एक ही केंद्र से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के सफल होने और कथित सिंडिकेट से जुड़े व्यक्ति के उसी केंद्र से शीर्ष पर रहने के आंकड़ों ने चयन प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
फिलहाल JSSC CGL और PGT परीक्षा से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियों की पड़ताल जारी है। अंतिम स्थिति जांच पूरी होने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
SEO Title
JSSC CGL जांच: 1932 सफल अभ्यर्थियों के बैंक खाते खंगालेगी CID, रिश्तेदारों के लेन-देन पर भी नजर




