उज्जैन में दो संतों से मिले नितिन नबीन, नाव से पहुंचे उदासीन अखाड़ा; सिंहस्थ की तैयारियों पर हुई चर्चा
उज्जैन में संतों से मिले नितिन नबीन, नाव से उदासीन अखाड़े पहुंचे; सिंहस्थ पर चर्चा

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने गुरुवार को उज्जैन में दो प्रमुख संतों से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होने पहुंचे नबीन ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के साथ बड़ा उदासीन अखाड़े के महंत सत्यानंद महाराज तथा दत्त अखाड़े के गादीपति पीर श्रीमहंत सुंदरपुरी महाराज से मुलाकात की।
इन मुलाकातों के दौरान आगामी सिंहस्थ की तैयारियों और अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पद को लेकर चल रहे मतभेदों पर भी चर्चा होने की जानकारी सामने आई है।
नाव से उदासीन अखाड़े पहुंचे नितिन नबीन
नितिन नबीन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के साथ नाव में सवार होकर बड़ा उदासीन अखाड़े पहुंचे। यहां उन्होंने महंत सत्यानंद महाराज और महंत देवीदास से मुलाकात की।
करीब 15 मिनट की मुलाकात के दौरान महंत सत्यानंद ने नबीन का स्वागत किया और उन्हें प्रतीक चिह्न भेंट किया। इसके बाद नबीन ने अखाड़े में स्थित श्री चंद्र आचार्य मंदिर में दर्शन किए।
महंत सत्यानंद से मुलाकात
महंत सत्यानंद ने बताया कि जगद्गुरु श्री चंद्र भगवान का 532वां जन्मोत्सव समारोह 20 सितंबर को आयोजित किया जाएगा। इसी कार्यक्रम की तैयारियों के बीच नितिन नबीन ने अखाड़े में पहुंचकर पूजा-अर्चना की।
महंत के अनुसार, मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष भी इस दौरान मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि संतों ने आगामी सिंहस्थ के दिव्य और भव्य आयोजन के लिए प्रार्थना की।
कम उम्र में अपनाया अध्यात्म का रास्ता
रिपोर्ट के अनुसार, उज्जैन के बड़ा उदासीन अखाड़े के युवा महंत सत्यानंद ने कम उम्र में ही सांसारिक जीवन छोड़कर अध्यात्म और समाज सेवा का मार्ग चुना।
बताया गया है कि बिहार के सुपौल निवासी महंत सत्यानंद ने वर्ष 2019 में दीक्षा ली थी। इसके बाद उन्होंने गया, हरिद्वार और वाराणसी में महंत के रूप में जिम्मेदारियां संभालीं। वर्तमान में वे उज्जैन में रहकर युवाओं और साधकों को योग, संस्कृत और अध्यात्म की शिक्षा दे रहे हैं।
दत्त अखाड़े के गादीपति से भी लिया आशीर्वाद
इसके बाद नितिन नबीन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दत्त अखाड़े के गादीपति पीर श्रीमहंत सुंदरपुरी महाराज से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद लिया।
सुंदरपुरी महाराज फरवरी 2018 से दत्त अखाड़े के गादीपति के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इससे पहले जनवरी 2018 में परमानंदपुरी जी के ब्रह्मलीन होने के बाद उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
सिंहस्थ और अखाड़ा परिषद के विवाद पर चर्चा
आगामी वर्षों में हरिद्वार, नासिक और उज्जैन में कुंभ/सिंहस्थ से जुड़े बड़े धार्मिक आयोजन होने हैं। इन आयोजनों को लेकर विभिन्न स्तरों पर तैयारियां चल रही हैं।
इसी बीच अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पद को लेकर अलग-अलग अखाड़ों के बीच मतभेद की चर्चा भी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उदासीन अखाड़ा और दत्त अखाड़ा इस पद को लेकर अलग-अलग पक्षों के समर्थन में बताए जा रहे हैं।
दोनों अखाड़ों की कुंभ और सिंहस्थ के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। ऐसे में नितिन नबीन का दोनों अखाड़ों में पहुंचकर संतों से मुलाकात करना राजनीतिक और धार्मिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
संतों ने सिंहस्थ के सफल आयोजन के लिए की प्रार्थना
महंत सत्यानंद के अनुसार, नितिन नबीन, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने संतों के साथ आगामी सिंहस्थ के सफल आयोजन के लिए प्रार्थना की।
उन्होंने कहा कि सभी 13 अखाड़ों का अपना महत्व और सम्मान है तथा सभी एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। आगामी सिंहस्थ को लेकर संतों और प्रशासन के बीच समन्वय को महत्वपूर्ण बताया जा रहा है।
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