नशे के सौदागरों पर सख्ती, नशा पीड़ितों के लिए उपचार—गंगा में पुलिस की बड़ी पहल
7 गांवों के 65 नशा पीड़ितों की काउंसलिंग, 5 नए मरीजों को उपचार प्रक्रिया से जोड़ा

डबवाली। पुलिस अधीक्षक जसलीन कौर, आईपीएस के निर्देशन में डबवाली पुलिस की ओर से नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को अब गांव स्तर तक प्रभावी बनाया जा रहा है। पुलिस द्वारा जहां नशा तस्करों और मादक पदार्थों की बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है, वहीं नशे की लत से जूझ रहे लोगों को उपचार, काउंसलिंग और सकारात्मक जीवन की ओर वापस लाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी कड़ी में गांव गंगा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में नशा मुक्ति कैंप आयोजित किया गया, जिसमें आसपास के 7 गांवों से पहुंचे 65 नशा पीड़ितों की काउंसलिंग की गई और उन्हें आवश्यक दवाइयां उपलब्ध करवाई गईं। पुलिस प्रवक्ता उप निरीक्षक आनंद कुमार ने बताया कि कैंप में मौजगढ़, जंडवाला बिश्नोइयां, कालुआना, अबूबशहर, मोडी, चौटाला और गंगा गांव से नशा पीड़ित पहुंचे। इनमें 5 नए नशा पीड़ितों की पहचान कर उन्हें भी उपचार प्रक्रिया से जोड़ा गया। नागरिक अस्पताल डबवाली के एएसएमओ डॉ. हरसिमरन सिंह ने मरीजों की काउंसलिंग करते हुए उन्हें स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक परामर्श दिया और उपचार के तहत दवाइयां उपलब्ध करवाईं। नशा पीड़ितों को नियमित रूप से उपचार लेने और चिकित्सीय सलाह का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया। कैंप के दौरान ग्रामीणों को नशे से होने वाले सामाजिक, आर्थिक और मानसिक नुकसान के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। ग्रामीणों को बताया गया कि नशे का असर केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे परिवार की आर्थिक स्थिति प्रभावित होती है, सामाजिक रिश्तों में तनाव पैदा होता है और बच्चों के भविष्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से ग्रामीणों से अपील की गई कि नशे की गिरफ्त में आए लोगों का तिरस्कार करने के बजाय उनके प्रति संवेदनशील रवैया अपनाया जाए और उन्हें उपचार के लिए प्रेरित किया जाए। डबवाली पुलिस ने गांव स्तर पर गठित नशा मुक्ति कमेटियों को भी इस अभियान से सक्रिय रूप से जोड़ा है। कमेटी के सदस्य नशा पीड़ितों की पहचान करने, उनके परिवारों से संपर्क स्थापित करने और उन्हें उपचार के लिए प्रेरित करने में पुलिस तथा स्वास्थ्य विभाग का सहयोग कर रहे हैं। गांव गंगा में आयोजित कैंप भी पुलिस, नशा मुक्ति टीम, स्वास्थ्य विभाग, ग्राम पंचायत और नशा मुक्ति कमेटी के संयुक्त प्रयास का परिणाम रहा। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि नशे की तस्करी और बिक्री में संलिप्त लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई जारी है, वहीं नशे की लत से जूझ रहे लोगों को उपचार एवं काउंसलिंग के माध्यम से मुख्यधारा में वापस लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए पुलिस के साथ स्वास्थ्य विभाग, ग्राम पंचायत, परिवारों, शिक्षण संस्थानों और आमजन की सामूहिक भागीदारी जरूरी है। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए उन्हें शिक्षा, खेल, कौशल विकास और अन्य सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। अभिभावकों से बच्चों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने तथा उन्हें गलत संगति से बचाने की अपील की गई है। पुलिस अधीक्षक जसलीन कौर के निर्देशन में गांव-गांव पहुंचकर नशा पीड़ितों को उपचार, काउंसलिंग और जागरूकता से जोड़ने की मुहिम आगे भी जारी रहेगी। पुलिस का उद्देश्य नशे की सप्लाई पर प्रभावी अंकुश लगाने के साथ-साथ नशा पीड़ितों को उपचार का सहारा देकर उन्हें सुरक्षित एवं सकारात्मक भविष्य की ओर आगे बढ़ाना है। डबवाली पुलिस ने आमजन से अपील की है कि नशा तस्करी अथवा मादक पदार्थों की बिक्री से संबंधित किसी भी जानकारी को मानस पोर्टल, हेल्पलाइन नंबर 1933, डबवाली पुलिस के मोबाइल नंबर 9138999748 अथवा नजदीकी थाना या चौकी में साझा करें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।


