साबरमती जेल में लॉरेंस बिश्नोई की जिंदगी: 10-खोली में बंद, हनुमान जी और भगत सिंह की तस्वीरें; सुरक्षा में 3-4 गार्ड
10-12 फीट की कोठरी में रहता है गैंगस्टर, 4-5 कैदी रोजमर्रा के काम में लगाए गए; सुरक्षा के लिए 3-4 गार्ड तैनात होने का दावा

गुजरात की साबरमती सेंट्रल जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को हाई-सिक्योरिटी वाले अलग हिस्से में रखा गया है। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, उसे ‘10 खोली’ नाम की बैरक में रखा गया है, जिसके आसपास करीब 500 मीटर तक दूसरी बैरक नहीं है। रिपोर्ट में जेल सूत्रों के हवाले से उसकी कोठरी, दिनचर्या और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी कई जानकारियां दी गई हैं।
10-12 फीट की कोठरी में रहता है लॉरेंस
रिपोर्ट के अनुसार, ‘10 खोली’ में पहले 10 कमरे थे, लेकिन पुराने निर्माण के कुछ हिस्से जर्जर होकर गिर गए। अब यहां 4-5 कमरे ही बचे हैं। लॉरेंस को इनमें से करीब 10-12 फीट की एक कोठरी में रखा गया है। कोठरी के एक कोने में टॉयलेट, ऊपर रोशनदान और सामने छोटा गार्डन बताया गया है।
4-5 कैदी करते हैं रोजमर्रा के काम
जेल सूत्रों के मुताबिक, लॉरेंस के रोजमर्रा के कामों के लिए 4-5 सजायाफ्ता कैदी लगाए गए हैं। वे खाना बनाने, कपड़े धोने और साफ-सफाई जैसे काम करते हैं। गार्डन की देखभाल के लिए एक माली भी बताया गया है।
उसकी सुरक्षा के लिए 3-4 गार्ड तैनात रहने की बात रिपोर्ट में कही गई है। हालांकि जेल अधिकारियों ने लॉरेंस की व्यक्तिगत व्यवस्था के बारे में जानकारी देने से इनकार किया है।
कोठरी में हनुमान जी और भगत सिंह की तस्वीर
रिपोर्ट के अनुसार, लॉरेंस की कोठरी में हनुमान जी और भगत सिंह की तस्वीरें लगी हैं। सूत्र का दावा है कि लॉरेंस कॉलेज के समय से इनकी तस्वीरें अपने कमरे में रखता रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वह सादे कपड़े पहनता है और कमरे में फल रखे रहते हैं।
जेल से गैंग चलाने के दावे
रिपोर्ट में लॉरेंस के एक कथित करीबी के हवाले से दावा किया गया है कि उसका नेटवर्क जेल से भी कम्युनिकेशन के जरिए संचालित होता है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि रिपोर्ट में नहीं की गई है।
करीबी के हवाले से गैंग के कई सदस्यों और बड़ी संख्या में कथित शूटरों का भी जिक्र किया गया है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि गैंग के किसी सदस्य के जेल जाने या मौत के बाद उसके परिवार की आर्थिक मदद की जाती है। ये सभी दावे सूत्रों और रिश्तेदारों के बयानों पर आधारित हैं।
जेल अधिकारियों ने जानकारी देने से किया इनकार
गुजरात जेल विभाग के इंचार्ज DGP डॉ. केएलएन राव ने लॉरेंस के बारे में जानकारी देने से इनकार करते हुए कहा कि इस संबंध में जेल सुपरिटेंडेंट से बात की जाए। जेल सुपरिटेंडेंट गौरव अग्रवाल ने भी उसे हाई-प्रोफाइल कैदी बताते हुए मीडिया को उसके बारे में जानकारी देने से इनकार किया।
नोट: लॉरेंस की कथित जेल गतिविधियों, नेटवर्क और संचार व्यवस्था से जुड़े विवरण इस रिपोर्ट में सूत्रों के दावों के रूप में दिए गए हैं; जेल प्रशासन ने इन व्यक्तिगत जानकारियों की पुष्टि नहीं की है।




