
जयपुर। राजस्थान में पंचायतीराज संस्थाओं के आगामी चुनाव को लेकर होने वाली वार्डों की आरक्षण लॉटरी अचानक स्थगित कर दी गई है। पंचायत समिति प्रधान, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्यों के वार्डों की लॉटरी अब 17 सितंबर को होगी। वहीं सरपंच और वार्ड पंचों के आरक्षण की लॉटरी 18 सितंबर को निकाली जाएगी।
पहले यह प्रक्रिया 17 और 18 अगस्त को प्रस्तावित थी, लेकिन पंचायतीराज विभाग ने इसे एक महीने के लिए आगे बढ़ा दिया है। विभाग के इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
विभाग ने चुनाव के दूसरे चरण में होने की संभावना बताई
पंचायतीराज विभाग के आदेश में हाईकोर्ट के नवंबर तक पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव करवाने संबंधी निर्देशों की पालना का हवाला दिया गया है। साथ ही पंचायतीराज चुनाव शहरी निकाय चुनावों के बाद दूसरे चरण में होने की संभावना को भी लॉटरी स्थगित करने का कारण बताया गया है।
हालांकि विभाग की ओर से लॉटरी को एक महीने आगे बढ़ाने के पीछे कोई विस्तृत या स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है। इसी वजह से राजनीतिक दलों के बीच इस फैसले को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
OBC आरक्षण को लेकर पहले से विवाद
राजस्थान में शहरी निकायों और पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव में OBC आरक्षण को लेकर पहले से विवाद चल रहा है। OBC नेताओं की ओर से 21 प्रतिशत आरक्षण पूरा नहीं मिलने का मुद्दा उठाया जा रहा है।
शहरी निकायों के प्रमुख पदों की आरक्षण लॉटरी हो चुकी है, जबकि अब वार्डों की लॉटरी की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में पंचायतीराज संस्थाओं की लॉटरी अचानक स्थगित होने के बाद इसे OBC आरक्षण विवाद से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
20 अगस्त से विधानसभा सत्र, इसे भी माना जा रहा कारण
राजस्थान विधानसभा का सत्र 20 अगस्त से शुरू होना है। ऐसे में लॉटरी स्थगित करने के फैसले को विधानसभा सत्र से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
विपक्ष विधानसभा में पंचायतीराज संस्थाओं के प्रमुख पदों और वार्डों में OBC आरक्षण के मुद्दे को जोर-शोर से उठा सकता है। यदि लॉटरी पहले हो जाती तो आरक्षित वार्डों का पूरा डेटा सामने आ जाता। अब लॉटरी टलने से यह जानकारी फिलहाल सार्वजनिक नहीं होगी।
कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना
लॉटरी अचानक स्थगित किए जाने के बाद कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार के फैसले पर आपत्ति जताई है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि लॉटरी स्थगित करना चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश है। उन्होंने सरकार से लॉटरी स्थगित करने का स्पष्ट कारण बताने की मांग की है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने कहा- लॉटरी के बाद चुनाव कार्यक्रम
राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह के अनुसार, आरक्षण लॉटरी का परिणाम मिलते ही चुनाव की घोषणा की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। जिला प्रमुख पदों के आरक्षण की लॉटरी 13 अगस्त को हो चुकी है।
पंचायतीराज विभाग के अनुसार बाकी पदों के आरक्षण की लॉटरी 17 और 18 सितंबर को होगी। इसके बाद आरक्षण से संबंधित जानकारी राज्य निर्वाचन आयोग को उपलब्ध कराई जाएगी और चुनाव कार्यक्रम जारी किया जाएगा। चुनाव 15 नवंबर से पहले करवाने की तैयारी बताई गई है।
17 अगस्त को 309 शहरी निकायों के 10,245 वार्डों की लॉटरी
दूसरी ओर राजस्थान के 309 शहरी निकायों के 10,245 वार्डों के लिए 17 अगस्त को आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी। इस प्रक्रिया में प्रत्येक निकाय के वार्डों में SC, ST और OBC आरक्षण तय होगा।
इस बार प्रदेश के शहरी निकायों में 3,356 महिला पार्षदों के लिए सीटें आरक्षित होंगी। प्रत्येक श्रेणी में 33 प्रतिशत वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए जाने हैं।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 10,245 वार्डों में 1,933 वार्ड OBC के लिए आरक्षित किए गए हैं, जो करीब 18.86 प्रतिशत है। OBC संगठनों और नेताओं की ओर से इसी को लेकर 21 प्रतिशत आरक्षण नहीं मिलने का मुद्दा उठाया जा रहा है।
अब सभी की नजर 17 और 18 सितंबर को होने वाली पंचायतीराज संस्थाओं की आरक्षण लॉटरी पर रहेगी। इसके बाद ही चुनावी तस्वीर और राजनीतिक समीकरण पूरी तरह स्पष्ट होंगे।
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