श्रीगंगानगर में बड़ा खुलासा: नशा तस्करी में शामिल मिला हैड कॉन्स्टेबल, सस्पेंड
CDR सेल में तैनात पुलिसकर्मी पर गंभीर आरोप

Sri Ganganagar में पुलिस विभाग के भीतर ही नशा तस्करी से जुड़ा बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के CDR (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) सेल में तैनात हैड कॉन्स्टेबल Mangtaram को नशा तस्करों की मदद करने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है।
जांच में पुलिस को ही गुमराह करने का आरोप
जानकारी के अनुसार, जब पुलिस टीम 26 मार्च को पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए आई हेरोइन की बड़ी खेप पकड़ने में जुटी थी, उसी दौरान मंगतराम पर आरोप है कि उसने गलत जानकारी देकर जांच टीम को भटकाने की कोशिश की। इससे तस्करों को भागने में मदद मिल सकती थी।
10 किलो से ज्यादा हेरोइन बरामद
मामला Rajasthan के रावला थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां ड्रोन से आई लगभग 10.8 किलो हेरोइन बरामद हुई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 50 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस केस में कई तस्करों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।
तस्करों से सीधे संपर्क में था आरोपी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मंगतराम गिरफ्तार तस्करों में से एक के सीधे संपर्क में था। इसी वजह से अब विभागीय जांच और तेज कर दी गई है।
सम्मानित पुलिसकर्मी पर उठे सवाल
हैरानी की बात यह है कि मंगतराम को पहले बेहतर काम के लिए डीजीपी डिस्क से सम्मानित किया जा चुका है और गैलेंट्री प्रमोशन भी मिला था। वह बॉर्डर पर नशा और हथियार तस्करी से जुड़े मामलों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए जाना जाता था।
35 दिन की जांच के बाद कार्रवाई
करीब 35 दिनों की जांच के बाद पुलिस को उसके खिलाफ ठोस सबूत मिले। इसके बाद उसे सस्पेंड कर दिया गया। मामले की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक Raghubir Sharma को सौंपी गई है।
नौकरी से बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की संभावना
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यदि जांच में तस्करों से गहरे संबंध साबित होते हैं तो मंगतराम को नौकरी से बर्खास्त करने के साथ-साथ एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार भी किया जा सकता है।


