जल जीवन मिशन घोटाले में पूर्व मंत्री महेश जोशी गिरफ्तार
जयपुर स्थित आवास से सुबह 5 बजे ACB की कार्रवाई

Jaipur में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में पूर्व मंत्री Mahesh Joshi को गिरफ्तार किया है। एसीबी की एसआईटी टीम ने गुरुवार सुबह करीब 5 बजे जयपुर रेलवे स्टेशन के पास सैन कॉलोनी स्थित उनके आवास पर कार्रवाई की।
मेडिकल के दौरान बोले- मैं निर्दोष हूं
गिरफ्तारी के बाद महेश जोशी को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान उन्होंने कहा, “मैं निर्दोष हूं, मेरी कोई गलती नहीं है।”
900 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप
मामला केंद्र सरकार की Jal Jeevan Mission योजना में कथित 900 करोड़ रुपए के घोटाले से जुड़ा है। आरोप है कि पीएचईडी मंत्री रहते हुए महेश जोशी ने टेंडर दिलाने के बदले रिश्वत ली और पद का दुरुपयोग किया।
पहले ED भी कर चुकी है गिरफ्तारी
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अप्रैल 2025 में Enforcement Directorate ने भी महेश जोशी को गिरफ्तार किया था। वे करीब सात महीने जेल में रहे और दिसंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी।
22 अधिकारियों और पूर्व मंत्री पर दर्ज हुई थी FIR
एसीबी ने इस मामले में महेश जोशी समेत 22 अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। इसमें जलदाय विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और इंजीनियर शामिल हैं। जांच के दौरान एसीबी को ईमेल रिकॉर्ड से महत्वपूर्ण सुराग मिले थे।
फर्जी सर्टिफिकेट से हासिल किए गए थे टेंडर
जांच एजेंसियों के अनुसार, ट्यूबवेल कंपनियों ने फर्जी अनुभव प्रमाण पत्रों के जरिए करोड़ों रुपए के टेंडर हासिल किए। आरोप है कि ठेकेदारों और अधिकारियों की मिलीभगत से बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ।
अब तक कई गिरफ्तारियां
इस मामले में अब तक कई आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। इससे पहले जलदाय विभाग के पूर्व एसीएस Subodh Agarwal को भी एसीबी गिरफ्तार कर चुकी है।
जांच एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क और कथित कमीशन व्यवस्था की पड़ताल कर रही हैं।




