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एमपी में फिर भारी बारिश का अलर्ट, अगले 4 दिन कई जिलों में तेज बारिश के आसार; नर्मदा का जलस्तर 10 फीट बढ़ा

नर्मदा का जलस्तर 10 फीट बढ़ा

भोपाल। मध्य प्रदेश में भारी बारिश का एक और दौर शुरू होने के आसार हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में बन रहे सिस्टम के प्रभाव से 12 अगस्त के आसपास नया लो प्रेशर एरिया विकसित हो सकता है, जिसके चलते प्रदेश में अगले चार दिनों तक कई इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है। इससे पहले सक्रिय रहे मजबूत मौसम सिस्टम के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में जमकर बारिश हुई, जिसका असर नदियों, बांधों और निचले इलाकों में साफ दिखाई दे रहा है। नर्मदा नदी का जलस्तर पिछले 48 घंटे में करीब 10 फीट बढ़ चुका है और नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर जलस्तर 946.40 फीट तक पहुंच गया है। वहीं तवा डैम में भी करीब 8.5 फीट पानी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। लगातार बारिश के कारण रायसेन, सीहोर, शाजापुर, विदिशा, मंडला, राजगढ़ सहित कई जिलों में नदी-नाले उफान पर हैं और निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। सीहोर में सोमवार शाम भीलाखेड़ी नदी के पास एक मकान में फंसे 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। रायसेन में भारी बारिश के बाद सांची रोड स्थित पगनेश्वर और भोपाल रोड के पास जाखा बेतवा नदी का जलस्तर बढ़ने से छोटे पुल पानी में डूब गए। मौसम की स्थिति को देखते हुए रायसेन जिला प्रशासन ने सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया है। इससे पहले ट्रफ और लो प्रेशर एरिया के प्रभाव से दो दिनों तक प्रदेश में सीजन का मजबूत मौसम सिस्टम सक्रिय रहा। भोपाल में 24 घंटे के दौरान करीब 7 इंच बारिश दर्ज की गई, जिससे शहर की कई कॉलोनियों में पानी भर गया और जनजीवन प्रभावित हुआ। राजगढ़ जिले के ब्यावरा में रेलवे अंडरपास में पानी भरने से करीब 25 गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ। विदिशा में बाढ़ के पानी में 17 लोग फंस गए, जिन्हें रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला। राजगढ़ में नाले में ईको वैन बहने की घटना में तीन बच्चों समेत 9 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। प्रदेश के कई हिस्सों में मंगलवार सुबह तक रुक-रुककर बारिश जारी रही। अब नए मौसम सिस्टम के सक्रिय होने की संभावना ने प्रशासन और आमजन की चिंता बढ़ा दी है। लगातार बारिश के कारण नदी-नालों के जलस्तर में और वृद्धि होने की आशंका है, इसलिए निचले इलाकों और जलभराव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। प्रशासन द्वारा भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार रेस्क्यू एवं राहत कार्यों की तैयारी की जा रही है।

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