मोदी बोले- दिमागी नक्सलियों को पहचानें और अलग करें
लाल किले से पीएम मोदी ने विकसित भारत 2047 का रोडमैप बताया, AI स्किलिंग, महिला आरक्षण और आत्मनिर्भर भारत पर दिया जोर; युवाओं को भटकाने वाली ताकतों से सावधान रहने की अपील

नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को दोहराते हुए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी। प्रधानमंत्री ने कहा कि हथियारबंद नक्सलवाद के खिलाफ देश ने बड़ी सफलता हासिल की है, लेकिन अब “दिमागी नक्सल” समाज और युवाओं को भटकाने के लिए नए रास्ते तलाश रहे हैं, इसलिए ऐसे तत्वों को पहचानना और उनसे समाज को सावधान रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि देश की युवा पीढ़ी को नकारात्मक सोच और हिंसा-अराजकता की ओर ले जाने के बजाय विकसित भारत के निर्माण से जोड़ना होगा। प्रधानमंत्री ने राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण को लेकर राजनीति से ऊपर उठकर सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व मिलना समय की मांग है और सभी दलों को महिलाओं को उनका अधिकार देने में योगदान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए केवल बड़े सपने देखना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि कार्य संस्कृति और सोच में भी बदलाव लाना होगा तथा पिछले कई दशकों में जो काम नहीं हो पाए, उन्हें आने वाले वर्षों में तेजी से पूरा करना होगा। युवाओं के लिए बड़ी घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार अगले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की ट्रेनिंग देगी और गरीब तथा मध्यमवर्गीय परिवारों के विद्यार्थियों के लिए विभिन्न परीक्षाओं की मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था भी शुरू की जाएगी। प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत पर जोर देते हुए कहा कि दुनिया में कई वस्तुएं सस्ती और आसानी से उपलब्ध हो सकती हैं, लेकिन देश की वास्तविक क्षमता तभी बढ़ेगी जब भारत अपनी जरूरतों और सामर्थ्य के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता कम करेगा। उन्होंने कहा कि भारत को अपने हितों की सुरक्षा स्वयं करने और अपनी क्षमताओं को लगातार मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ना होगा। आपदाओं और कठिन परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अब देश छोटे सपनों से काम नहीं चला सकता, बल्कि बड़े लक्ष्य निर्धारित करने होंगे, क्योंकि बड़े सपने सोच का विस्तार करते हैं और मजबूत संकल्प कठिन परिस्थितियों में भी रास्ता निकालने की ताकत देते हैं। स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ने लाल किले पर तिरंगा फहराया, राष्ट्रगान हुआ और 21 तोपों की सलामी दी गई। अपने संबोधन में उन्होंने देशवासियों से विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए एकजुट होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।


