सिरसा तहसील परिसर में तहसीलदार और वकीलों में बहस, वकील ने दी जूते पड़ने की चेतावनी
शेड हटाने पहुंची प्रशासन की टीम का विरोध; पुलिस ने कराया बीच-बचाव, लिखित आदेश की कॉपी मांगने पर बढ़ा विवाद

सिरसा। सिरसा तहसील परिसर में सोमवार रात शेड हटाने की कार्रवाई को लेकर प्रशासनिक टीम और वकीलों के बीच विवाद हो गया। मौके पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर पहुंचे तहसीलदार प्रदीप कुमार और वकीलों के बीच तीखी बहस हुई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा।
विवाद उस समय और बढ़ गया जब एक वकील ने तहसीलदार को कथित तौर पर जूते पड़ने की चेतावनी दे दी। इस पर पुलिस ने वकील को भाषा पर संयम रखने की हिदायत दी और स्पष्ट किया कि पुलिस की मौजूदगी में किसी को मारपीट करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
शेड हटाने पहुंची थी प्रशासन की टीम
जानकारी के अनुसार, तहसील परिसर में कुछ वकीलों की ओर से एक शेड बनाया गया है। प्रशासन का आरोप है कि शेड अवैध तरीके से बनाया गया है। इसे हटाने की कार्रवाई के लिए तहसीलदार प्रदीप कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था।
सोमवार रात प्रशासनिक टीम पुलिस बल के साथ जेसीबी लेकर मौके पर पहुंची। कार्रवाई शुरू करने का प्रयास किया गया तो कुछ वकील शेड के सामने खड़े हो गए और जेसीबी को अंदर जाने से रोक दिया।
बार एसोसिएशन के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे
विवाद की जानकारी मिलने के बाद बार एसोसिएशन के वकील, पूर्व प्रधान और प्रधान गंगाराम ढाका समेत अन्य अधिवक्ता मौके पर पहुंच गए। इसके बाद वकीलों और पुलिस-प्रशासन की टीम के बीच कहासुनी बढ़ गई।
काफी देर तक दोनों पक्षों में बहस होती रही। वकीलों के विरोध के बाद प्रशासन की टीम को फिलहाल कार्रवाई रोककर वापस लौटना पड़ा।
वकीलों ने मांगी लिखित आदेश की कॉपी
वकीलों ने कार्रवाई से पहले ड्यूटी मजिस्ट्रेट से लिखित आदेश की कॉपी दिखाने की मांग की। उनका कहना था कि यदि आदेश में शेड हटाने की कार्रवाई का स्पष्ट उल्लेख है तो वे उसे अदालत में चुनौती दे सकते हैं और स्टे ऑर्डर ले सकते हैं।
तहसीलदार ने बताया कि प्रशासनिक आदेश के तहत ही ड्यूटी मजिस्ट्रेट को मौके पर भेजा गया है और आदेश की कॉपी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने पहले कार्रवाई करने देने की बात कही।
इस पर वकीलों ने कार्रवाई रोकने की मांग की और कहा कि वे मंगलवार को उपायुक्त से मिलकर मामले में अपना पक्ष रखेंगे।
तहसीलदार बोले- खाली नहीं किया तो नोटिस देंगे
तहसीलदार प्रदीप कुमार ने बताया कि यह प्रशासनिक आदेश के तहत की जा रही कार्रवाई थी। उन्होंने कहा कि फिलहाल वकीलों को मौखिक रूप से मंगलवार दोपहर 2 बजे तक शेड खाली करने के लिए कहा गया है।
उन्होंने बताया कि यदि शेड खाली नहीं किया जाता तो लिखित नोटिस जारी किया जाएगा। वकीलों ने भी मंगलवार दोपहर तक संबंधित आदेश लेकर आने की बात कही है। तहसीलदार के अनुसार, फिलहाल पुलिस को कोई शिकायत नहीं दी गई है और मंगलवार शाम के बाद आदेश के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने कहा- अभी कोई शिकायत नहीं मिली
खैरपुर चौकी पुलिस के अनुसार, प्रशासन की ओर से तहसीलदार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था और पुलिस टीम सुरक्षा के लिए उनके साथ गई थी।
पुलिस का कहना है कि फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।




