
सिरसा। गांव वैदवाला में बिजली टावर के लिए अधिकृत जमीन के मुआवजे की मांग को लेकर चल रहा किसानों का धरना सोमवार को उस समय और तेज हो गया, जब पुलिस-प्रशासन की टीम धरनास्थल पर पहुंची। इसके बाद विभिन्न किसान संगठनों ने बैठक कर प्रशासन को 18 अगस्त तक समाधान का समय दिया है। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि मांगों का समाधान नहीं हुआ या मुख्यमंत्री से मिलने का समय तय नहीं किया गया तो 19 अगस्त को टावर लाइनें उखाड़ने का फैसला लिया जाएगा।
छह दिन से टंकी पर डटे किसान
मुआवजे की मांग को लेकर खेत मालिक भूपेंद्र सिंह और किसान वेदप्रकाश पिछले कई दिनों से वैदवाला स्थित जलघर की करीब 100 फुट ऊंची टंकी पर चढ़े हुए हैं। किसान संगठनों का कहना है कि प्रशासन की ओर से लगातार आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन अभी तक उनकी मांगों का ठोस समाधान नहीं हुआ है।
किसान नेताओं के मुताबिक चढूनी ग्रुप के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने पहले 17 अगस्त तक समाधान का अल्टीमेटम दिया था। 15 अगस्त के कार्यक्रम को देखते हुए किसानों ने प्रशासन को अतिरिक्त समय दिया। अब संगठनों ने 19 अगस्त को टावर लाइनें उखाड़ने का निर्णय लिया है।
पुलिस-प्रशासन की टीम पहुंचने के बाद बढ़ा तनाव
सोमवार शाम पुलिस बल के साथ प्रशासनिक टीम वैदवाला धरने पर पहुंची। प्रशासन की ओर से जलघर की टंकी के आसपास सुरक्षा जाल लगाने का प्रयास किया गया। किसानों का आरोप है कि टीम ने टंकी पर बैठे दोनों लोगों को नीचे उतारने का प्रयास किया, जिसका धरने पर मौजूद ग्रामीणों और किसानों ने विरोध किया।
विरोध के बाद प्रशासन की टीम वापस लौट गई। वहीं प्रशासन की ओर से कहा गया कि टीम का उद्देश्य केवल सुरक्षा के लिए जाल लगाना था और किसी को जबरदस्ती नीचे उतारने की कोशिश नहीं की गई।
किसान संगठनों की बैठक में लिया फैसला
प्रशासनिक टीम के लौटने के कुछ समय बाद चढूनी ग्रुप से जुड़े किसान नेताओं का काफिला धरनास्थल पर पहुंचा। यहां विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की गई। बैठक में 19 अगस्त को टावर लाइनें उखाड़ने का ऐलान किया गया।
किसान नेताओं ने सिरसा जिले के किसानों से 19 अगस्त को वैदवाला पहुंचकर आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। नेताओं का कहना है कि यह संयुक्त किसान मोर्चा का धरना है और सभी किसान संगठन एकजुट होकर किसानों की मांग के समर्थन में खड़े हैं।
टंकी पर चढ़े किसानों ने की भावुक अपील
धरने के दौरान टंकी पर मौजूद भूपेंद्र सिंह और वेदप्रकाश ने ग्रामीणों और किसान संगठनों से समर्थन की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि पुलिस ने उन्हें जबरदस्ती नीचे उतारने का प्रयास किया तो वे बड़ा कदम उठा सकते हैं और इसके लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा।
किसानों की इस अपील के बाद धरनास्थल पर ग्रामीणों और किसान नेताओं की संख्या बढ़ने लगी। किसान संगठनों ने प्रशासन से बातचीत के जरिए मामले का समाधान करने की मांग की है।
19 अगस्त को टकराव की स्थिति की आशंका
किसान संगठनों के 19 अगस्त को टावर लाइनें उखाड़ने के ऐलान के बाद प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती बढ़ गई है। अब सभी की नजरें 18 अगस्त तक होने वाली प्रशासन और किसानों के बीच बातचीत पर हैं। यदि इस अवधि में समाधान नहीं निकलता है तो 19 अगस्त को आंदोलन के और उग्र होने की संभावना है।
नोट: टावर लाइनें उखाड़ने का ऐलान किसान संगठनों की ओर से किया गया है। प्रशासन की ओर से इस संबंध में आगे क्या कार्रवाई की जाती है, यह स्पष्ट होना बाकी है।
#सिरसा #वैदवाला #किसानआंदोलन #किसानधरना #टावरलाइन #बिजलीटावर #मुआवजा #गुरनामसिंहचढूनी #चढूनीग्रुप #किसानएकता #हरियाणाकिसान #सिरसान्यूज #हरियाणान्यूज #संयुक्तकिसानमोर्चा #हमारेमठ #HamareMath




