मुरैना में बंदूकों से मटकी फोड़ प्रतियोगिता, पुलिस ने शुरू की जांच
तालाब के दूसरे छोर पर रखी मटकियों पर लाइसेंसी बंदूकों से साधा निशाना, वीडियो सामने आने के बाद सरपंच और ग्रामीणों को पूछताछ के लिए बुलाया

मुरैना के जौरा थाना क्षेत्र के ग्राम परसोटा में रक्षाबंधन के दूसरे दिन आयोजित भुजरिया मेले के दौरान लाइसेंसी बंदूकों से मटकी फोड़ प्रतियोगिता कराए जाने का मामला सामने आया है। प्रतियोगिता में ग्रामीणों ने तालाब के एक किनारे से दूसरे किनारे रखी मटकियों पर बंदूकों से निशाना साधा। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे और खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन भी किया गया। प्रतियोगिता के वीडियो रविवार को सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस वीडियो के आधार पर प्रतियोगिता में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस आयोजन के लिए प्रशासन से अनुमति ली गई थी या नहीं। साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि लाइसेंसी हथियारों के इस्तेमाल और सार्वजनिक रूप से उनके प्रदर्शन के दौरान किसी नियम का उल्लंघन हुआ है या नहीं। बताया जा रहा है कि परसोटा गांव में यह आयोजन वर्षों से परंपरा के नाम पर होता आ रहा है, जबकि जिले के अन्य स्थानों पर इसी तरह की प्रतियोगिताओं के मामले सामने आने के बाद करीब दस साल पहले ऐसे आयोजनों पर प्रतिबंध लगाए जाने की बात कही जा रही है। इसके बावजूद गांव में लाइसेंसी हथियारों के जरिए मटकी फोड़ प्रतियोगिता आयोजित की गई। सामने आए वीडियो में कुछ लोग बंदूकें लेकर तालाब के किनारे खड़े दिखाई दे रहे हैं, जबकि तालाब के दूसरी ओर मटकियां रखी गई थीं। लोग दूर से बंदूकों के जरिए इन मटकियों को निशाना बनाते नजर आए। बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी के बीच हुए इस आयोजन को लेकर अब सुरक्षा व्यवस्था और संभावित खतरे को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस के अनुसार, वीडियो सामने आने के बाद प्रतियोगिता में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। जौरा थाना प्रभारी एसआई पंकज यादव ने बताया कि पुलिस को प्रतियोगिता का वीडियो मिला है और उसके आधार पर जांच की जा रही है। थाना प्रभारी के मुताबिक 29 अगस्त को मुख्यमंत्री जनसंवाद योजना के तहत प्रशासन की टीम भी परसोटा गांव पहुंची थी। प्रारंभिक तौर पर संभावना जताई जा रही है कि प्रशासनिक अमले के वापस लौटने के बाद यह मटकी फोड़ प्रतियोगिता आयोजित की गई। पुलिस ने मामले में स्थानीय सरपंच और कुछ ग्रामीणों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया है। अब आयोजन से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका, हथियारों के इस्तेमाल और अनुमति से संबंधित तथ्यों की जांच की जा रही है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि प्रतियोगिता के आयोजन में किन नियमों का उल्लंघन हुआ और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ किस तरह की कार्रवाई की जाएगी।




