राजेंद्रनगर के हैंडलूम भवन का लीज रद्द, अवैध निर्माण सील: नगर निगम ने कार्रवाई की; बिना नक्शे के निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग का मामला
बुनकरों के कल्याण के लिए लीज पर मिली थी जमीन; परिसर में होटल, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल और दुकानों के संचालन की शिकायत

पटना। राजेंद्रनगर के पाटलिपुत्र पथ स्थित बिहार राज्य हस्तकरघा बुनकर सहकारी सहयोग संघ लिमिटेड के हैंडलूम भवन परिसर में कथित अवैध निर्माण के खिलाफ पटना नगर निगम ने कार्रवाई की है। निगम प्रशासन ने निर्माण कार्य को नियमों के विपरीत बताते हुए इसे तत्काल रोकने का निर्देश दिया और भूखंड का लीज आवंटन रद्द कर दिया।
बुधवार को नगर निगम की प्रवर्तन टीम परिसर में पहुंची और अवैध निर्माण वाले हिस्से को सील कर दिया। यह कार्रवाई नगर आयुक्त यशपाल मीणा की अदालत से निगरानी वाद में आदेश पारित होने के बाद की गई।
आदेश के बावजूद निर्माण जारी रखने की शिकायत
नगर निगम के मुताबिक, नगर आयुक्त की अदालत से कार्रवाई का आदेश पारित होने के बावजूद परिसर में निर्माण कार्य जारी रखने की शिकायत मिली थी। इसके बाद प्रवर्तन टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण वाले हिस्से को सील किया।
नगर आयुक्त यशपाल मीणा के अनुसार, जांच अधिकारियों की रिपोर्ट में शिकायतों की पुष्टि हुई। जांच में भूखंड को नगर निगम की ओर से लीज पर दिए जाने की बात सामने आई।
बिना नक्शे के निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग का आरोप
निगम की जांच के मुताबिक, लीज की शर्तों का पालन नहीं किया गया। आरोप है कि बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण कराया गया और भूखंड की अनधिकृत प्लॉटिंग कर दी गई।
निगम का यह भी कहना है कि परिसर में अलग-अलग लोगों को रेंट एग्रीमेंट के जरिए दुकानें और अन्य जगहें आवंटित की गईं। इन गतिविधियों को लीज की शर्तों के उल्लंघन के तौर पर देखा गया है।
बुनकरों के कल्याण के लिए दी गई थी जमीन
जानकारी के मुताबिक, भूखंड का उपयोग राज्य के बुनकरों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान, हैंडलूम उत्पादों की प्रदर्शनी तथा सहकारिता से जुड़ी गतिविधियों के लिए किया जाना था।
नगर निगम के अनुसार, परिसर में इसके बजाय व्यावसायिक गतिविधियां संचालित किए जाने की शिकायत सामने आई। इनमें होटल, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल और दुकानों का संचालन शामिल है।
बुनकर संघ ने भी उठाए थे सवाल
बिहार राज्य बुनकर संघ की ओर से भी परिसर के कथित व्यावसायिक उपयोग को लेकर आपत्ति जताई गई थी। संघ का आरोप था कि समिति के कुछ पदाधिकारियों की मिलीभगत से भवन परिसर को नियमों के विपरीत निजी उपयोग के लिए दिया गया।
इन आरोपों और लीज शर्तों के उल्लंघन से जुड़े मामलों की जांच के बाद नगर निगम ने भूखंड का लीज आवंटन रद्द करने की कार्रवाई की है।
नगर आयुक्त ने क्या कहा?
पटना नगर निगम के नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने कहा कि जांच में लीज अनुबंध और उसकी शर्तों के उल्लंघन की पुष्टि हुई है। उनके मुताबिक, भूखंड के अवैध इस्तेमाल और निर्माण के मामले में कार्रवाई की गई है तथा बुधवार को अवैध हिस्से को सील किया गया।
नगर निगम के आदेश में आगे की कार्रवाई के संबंध में भी निर्देश दिए गए हैं। इसमें अवैध निर्माण पर कार्रवाई और संपत्ति के संबंध में नियमानुसार कदम उठाने की बात कही गई है।




