सिरसा में तूफानी बारिश से नरमा-ग्वार की फसल खराब: चौपटा क्षेत्र में सबसे ज्यादा नुकसान, किसानों ने स्पेशल गिरदावरी और मुआवजे की मांग की
रात करीब 1 बजे चली तेज आंधी और हुई बारिश; खेतों में खड़ी नरमा की फसल गिरी, ग्वार-बाजरा-मूंगफली को भी नुकसान

सिरसा जिले में बुधवार रात अचानक बदले मौसम और तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। राजस्थान सीमा से सटे चौपटा क्षेत्र में तेज आंधी और बारिश से नरमा और ग्वार की खड़ी फसल को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है।
रात करीब 1 बजे तेज हवाएं चलनी शुरू हुईं। गुरुवार सुबह किसान खेतों में पहुंचे तो कई जगह फसलें जमीन पर गिरी हुई मिलीं। किसानों के अनुसार, इस समय नरमा में टिंडे लग रहे हैं और कई क्षेत्रों में कपास चुगाई का काम भी चल रहा है। फसल के गिरने से अब चुगाई प्रभावित होने और कपास के खराब होने की आशंका है।
चौपटा क्षेत्र में 41 हजार हेक्टेयर में नरमा-ग्वार की बुवाई
जानकारी के अनुसार, इस बार चौपटा क्षेत्र में करीब 25 हजार हेक्टेयर में देसी कपास और बीटी नरमा की बुवाई की गई थी। इसके अलावा करीब 16 हजार हेक्टेयर में ग्वार की फसल बोई गई है।
तेज बारिश और हवा के बाद खेतों में खड़ी फसल गिरने से किसानों को नुकसान की चिंता सता रही है। किसानों का कहना है कि फसल गिरने के बाद कपास की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है और चुगाई में भी परेशानी आएगी।
इन गांवों में भी नुकसान की सूचना
आंधी और बारिश से जिले के कई गांवों में खरीफ की खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की जानकारी है।
जमाल, बरासरी, कुतियाना, जोड़किया, रामपुरा ढिल्लों, कुम्हारिया, खेड़ी, कागदाना, शक्कर मंदोरी, शाहपुरिया, दड़बा कलां, नाथूसरी और रूपावास सहित आसपास के गांवों में किसानों ने फसल गिरने और नुकसान की बात कही है।
पहले कम बारिश, अब बेमौसम बारिश की मार
किसान रामचंद्र, प्रेम कुमार, दलबीर, श्रवण कुमार, रणबीर, शंकर मास्टर, जगदीश, कृष्ण कुमार और खेतपाल ने बताया कि इस बार मानसून के दौरान अपेक्षाकृत कम बारिश हुई। किसानों ने सिंचाई के सहारे खरीफ की फसलों को बचाने का प्रयास किया था।
किसानों को उम्मीद थी कि मौसम साथ देगा और फसल का उत्पादन अच्छा रहेगा। लेकिन बुधवार रात हुई तेज बारिश और आंधी से खेतों में खड़ी फसल प्रभावित हो गई।
किसानों का कहना है कि पहले बारिश की कमी से परेशानी हुई और अब फसल तैयार होने के समय तेज बारिश और हवा ने नुकसान बढ़ा दिया है।
नरमा, ग्वार के साथ बाजरा और मूंगफली को भी नुकसान
किसानों के अनुसार, नरमा और ग्वार के अलावा बाजरा और मूंगफली की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। किसानों का दावा है कि कई खेतों में ग्वार की फसल को काफी नुकसान हुआ है।
फसल गिरने के कारण उत्पादन और गुणवत्ता पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
किसानों ने स्पेशल गिरदावरी की मांग की
किसानों ने सरकार और प्रशासन से प्रभावित खेतों का मौके पर निरीक्षण करवाकर स्पेशल गिरदावरी कराने की मांग की है।
किसानों का कहना है कि गिरदावरी के माध्यम से वास्तविक नुकसान का आकलन कराया जाए और पात्र किसानों को जल्द मुआवजा जारी किया जाए, ताकि फसल खराब होने से हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई में मदद मिल सके।



