चेतकपुरी सड़क के सैंपल भी फेल: खुदाई में सड़क के अंदर मिले बोरे-खंडे, हाईकोर्ट में जांच आयोग ने पेश की रिपोर्ट
हाईकोर्ट में जांच आयोग ने वीडियो भी पेश किया; एजी ऑफिस रोड और ग्वालियर-झांसी बायपास की रिपोर्ट अगली सुनवाई में होगी पेश

ग्वालियर की सड़कों की गुणवत्ता को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश पर चल रही जांच में लगातार दूसरे दिन निर्माण कार्यों से जुड़ी खामियां सामने आईं। शुक्रवार को जांच आयोग ने कुलदीप नर्सरी के पास स्थित चेतकपुरी मार्ग की जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश की। रिपोर्ट में सड़क से लिए गए सैंपल जांच में फेल होने की जानकारी दी गई।
सुनवाई के दौरान आयोग ने सड़क की खुदाई का वीडियो भी कोर्ट के सामने रखा। वीडियो में सड़क के अंदर से बोरे और खंडे निकलते दिखाई दिए। इससे सड़क निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और निर्माण प्रक्रिया को लेकर सवाल उठे हैं।
बेटी बचाओ-गुढ़ा मार्ग के बाद चेतकपुरी की जांच
इससे एक दिन पहले जांच आयोग ने बेटी बचाओ तिराहा-गुढ़ा मार्ग की जांच रिपोर्ट पेश की थी। उस जांच में भी सड़क की मोटाई और निर्माण सामग्री को लेकर कई खामियां सामने आई थीं।
अब चेतकपुरी मार्ग की रिपोर्ट में सैंपल फेल होने की जानकारी सामने आने के बाद सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर मामला और गंभीर हो गया है।
अगली सुनवाई में दो और सड़कों की रिपोर्ट
जांच आयोग अब एजी ऑफिस रोड और ग्वालियर-झांसी बायपास की जांच रिपोर्ट अगली सुनवाई में हाईकोर्ट के समक्ष पेश करेगा।
3 सितंबर को झांसी बायपास से सड़क के सैंपल लिए गए थे। उस दौरान रात में सिकरौदा चौराहे पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण सैंपलिंग में परेशानी आई थी। जांच के दौरान हाईमास्ट और अन्य लाइटें बंद होने की बात कोर्ट को बताई गई।
अब कोर्ट को बताया गया कि बायपास पर लाइट व्यवस्था को दुरुस्त कर दिया गया है।
पैच रिपेयरिंग पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
सुनवाई के दौरान ग्वालियर नगर निगम की ओर से की जा रही सड़क की पैच रिपेयरिंग का मुद्दा भी सामने आया। हाईकोर्ट ने पैच रिपेयरिंग के तरीके और गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाते हुए निगम से विस्तृत जवाब मांगा है।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि पैच रिपेयरिंग में लापरवाही सामने आती है तो निगम कमिश्नर की जवाबदेही तय की जाएगी।
जनहित याचिका के बाद शुरू हुई जांच
ग्वालियर की खस्ताहाल सड़कों को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। इसके बाद कोर्ट ने सड़कों की गुणवत्ता की जमीनी जांच के लिए आयोग का गठन किया।
विशेषज्ञों की निगरानी में अलग-अलग सड़कों से सैंपल लिए जा रहे हैं और उनकी गुणवत्ता की जांच की जा रही है। आयोग की रिपोर्ट के आधार पर अब तक कई सड़कों के निर्माण और मरम्मत कार्यों पर सवाल सामने आए हैं।
सुनवाई के दौरान आयोग अध्यक्ष एडवोकेट गौरव समाधिया, सदस्य पवन रघुवंशी और हिमांशु शर्मा मौजूद रहे। शासन की ओर से एएजी राजेश शुक्ला और याचिकाकर्ता कैलाश अग्रवाल की ओर से अवधेश तोमर उपस्थित रहे।

