भरतपुर क्रिकेट ट्रायल में विवाद, खिलाड़ियों ने लगाए भेदभाव के आरोप
ट्रायल में एंट्री रोकने से बढ़ा विवाद

जयपुर में राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) से जुड़े भरतपुर जिला क्रिकेट संघ के ट्रायल के दौरान विवाद खड़ा हो गया। कॉल्विन शील्ड क्रिकेट टूर्नामेंट के लिए आयोजित ट्रायल में कई खिलाड़ियों को शुरुआत में मैदान में प्रवेश नहीं दिया गया, जिसके बाद माहौल गरमा गया।
खिलाड़ियों ने लगाए पक्षपात के आरोप
खिलाड़ियों का आरोप है कि जिला क्रिकेट संघ ने भेदभाव और मनमानी करते हुए कुछ खिलाड़ियों को ट्रायल से बाहर रखा। उनका कहना है कि RCA द्वारा बैन हटाने के आदेश के बावजूद उन्हें ट्रायल में शामिल नहीं होने दिया गया और गेट पर रोक दिया गया।
इस दौरान नाराज खिलाड़ियों ने विरोध प्रदर्शन भी किया और निष्पक्ष चयन की मांग उठाई।
RCA के हस्तक्षेप के बाद मिला मौका
मामला बढ़ने पर शिकायत राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन तक पहुंची। इसके बाद एडहॉक कमेटी के कन्वीनर मोहित यादव के हस्तक्षेप के बाद खिलाड़ियों को ट्रायल में शामिल किया गया। हालांकि, खिलाड़ियों ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रखी गई।
खिलाड़ियों ने की निष्पक्ष चयन की मांग
खिलाड़ियों हर्ष मीणा और सारांश राजपूत ने आरोप लगाया कि उनके साथ भेदभाव किया गया और ट्रायल प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की गई। उन्होंने मांग की है कि पूरी चयन प्रक्रिया RCA की निगरानी में दोबारा कराई जाए ताकि निष्पक्षता बनी रहे।
जिला संघ ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं भरतपुर जिला क्रिकेट संघ ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सभी खिलाड़ियों को ट्रायल में मौका दिया गया था और चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है। संघ ने कुछ खिलाड़ियों पर अनुशासनहीनता और अभद्रता के आरोप भी लगाए हैं।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
RCA एडहॉक कमेटी ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है और शिकायतों का सत्यापन होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।




