गहलोत बोले- निकाय-पंचायत चुनाव से घबराई बीजेपी, प्रशासन पर दबाव बनाने का आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा- कलेक्टर और एसपी पर भाजपा को चुनाव जिताने का दबाव; लोहावट ब्लाइंड मर्डर और कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार को घेरा

जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार पर निकाय और पंचायतीराज चुनाव को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। जयपुर स्थित अपने निवास पर रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में गहलोत ने कहा कि भाजपा सरकार चुनाव में संभावित हार से घबराई हुई है और इसी वजह से प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बनाया जा रहा है।
गहलोत ने दावा किया कि मुख्यमंत्री समूहों में कलेक्टर और एसपी को बुलाकर भाजपा को निकाय एवं पंचायत चुनाव जिताने की जिम्मेदारी सौंप रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह यह आरोप पुख्ता फीडबैक और पूरी जिम्मेदारी के साथ लगा रहे हैं।
कोर्ट की टिप्पणी के बाद चुनाव कराने को मजबूर हुई सरकार- गहलोत
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की निकाय और पंचायत चुनाव कराने की मंशा नहीं थी। हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद सरकार को चुनाव कराने के लिए मजबूर होना पड़ा।
उन्होंने कहा कि अब चुनाव नजदीक आते ही प्रशासनिक मशीनरी का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए करने का प्रयास किया जा रहा है। गहलोत ने प्रशासन से निष्पक्ष भूमिका निभाने की अपील की।
भाजपा सरकार के मंत्री के धरने का भी जिक्र
गहलोत ने कहा कि प्रदेश में स्थिति ऐसी हो गई है कि भाजपा सरकार के एक मंत्री को ही कलेक्टर और कमिश्नर के खिलाफ करीब छह घंटे तक धरने पर बैठना पड़ा।
उन्होंने कहा कि जब सरकार के अपने मंत्री अधिकारियों के खिलाफ धरने पर बैठने को मजबूर हों तो इससे शासन व्यवस्था की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
लोहावट ब्लाइंड मर्डर मामले पर सरकार से जवाब मांगा
पूर्व मुख्यमंत्री ने जोधपुर के लोहावट में हुए ब्लाइंड मर्डर मामले को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। गहलोत ने कहा कि घटना को 16 दिन बीत चुके हैं, लेकिन आरोपी अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
उन्होंने दावा किया कि प्रशासन की ओर से पांच दिन में आरोपियों को पकड़ने का लिखित आश्वासन दिया गया था। गहलोत ने मुख्यमंत्री और डीजीपी से पूरे मामले में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
वंदे मातरम के मुद्दे पर भाजपा-RSS पर निशाना
गहलोत ने वंदे मातरम के मुद्दे पर भी भाजपा और RSS पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई में RSS और भाजपा का योगदान नहीं था, इसलिए उन्हें वंदे मातरम के मुद्दे पर बोलने का नैतिक अधिकार नहीं है।
भूख हड़ताल कर रहे लोगों से आंदोलन का तरीका बदलने की अपील
पूर्व मुख्यमंत्री ने अलग-अलग मांगों को लेकर भूख हड़ताल कर रहे युवाओं और अन्य आंदोलनकारियों से अपनी सेहत खराब नहीं करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि सरकार आंदोलनकारियों की मांगों और उनकी सेहत की परवाह नहीं कर रही है। ऐसे में भूख हड़ताल के बजाय धरना और अन्य लोकतांत्रिक तरीकों से अपनी आवाज सरकार तक पहुंचानी चाहिए।
गहलोत ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की जिम्मेदारी है कि वह आंदोलनकारियों से संवाद करे और उनकी समस्याओं का समाधान निकाले।
कानून-व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी सरकार को घेरा
गहलोत ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लगातार आपराधिक घटनाओं के कारण आम आदमी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार की योजनाओं को कमजोर किए जाने से गरीब और जरूरतमंद लोगों को परेशानी हो रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार से कानून-व्यवस्था और जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशीलता के साथ काम करने की मांग की।
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