Uncategorized

भविष्य की ऊर्जा तकनीकों पर मंथन

बीआईटी मेसरा में विशेषज्ञों ने छात्रों को बताए स्मार्ट ग्रिड और आधुनिक इलेक्ट्रिक ड्राइव्स के नए आयाम

वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों और सतत ऊर्जा समाधानों की बढ़ती जरूरत के बीच बीआईटी मेसरा में भविष्य की ऊर्जा तकनीकों पर विशेष मंथन शुरू हुआ है। विद्युत एवं इलेक्ट्रॉनिक्स अभियांत्रिकी विभाग में पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) का शुभारंभ किया गया, जिसमें देशभर के शोधकर्ता, शिक्षाविद् और तकनीकी विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं।

‘स्मार्ट ऊर्जा प्रौद्योगिकियों, इंटेलिजेंट कंट्रोल और ड्राइव्स में प्रगति’ विषय पर आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों, शोधार्थियों और शिक्षकों को आधुनिक ऊर्जा प्रणालियों और उभरती तकनीकों से अवगत कराना है।

पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और नवीकरणीय ऊर्जा पर विशेष चर्चा

कार्यक्रम में आईआईटी (आईएसएम) धनबाद की डॉ. सोनम आचार्य ने विशिष्ट वक्ता के रूप में भाग लिया। उन्होंने पावर इलेक्ट्रॉनिक्स में हो रही नवीन प्रगति और नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियों में उसके उपयोग पर विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि आने वाले समय में स्मार्ट ग्रिड, ऊर्जा भंडारण और इंटेलिजेंट कंट्रोल तकनीकें ऊर्जा क्षेत्र की दिशा तय करेंगी। इस दौरान छात्रों को आधुनिक इलेक्ट्रिक ड्राइव्स और ऊर्जा दक्षता से जुड़े तकनीकी पहलुओं से भी परिचित कराया गया।

8 मई तक चलेगा प्रशिक्षण कार्यक्रम

यह फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम 8 मई तक चलेगा। कार्यक्रम में आईआईटी और एनआईटी के कई प्रख्यात शिक्षाविद् माइक्रोग्रिड, स्मार्ट एनर्जी सिस्टम, ऊर्जा भंडारण और आधुनिक कंट्रोल तकनीकों जैसे विषयों पर व्याख्यान देंगे।

समापन दिवस पर ईआरएलडीसी के चीफ मैनेजर चंदन कुमार उद्योग-केंद्रित सत्र लेंगे, जिसमें पावर सिस्टम संचालन और उसके वास्तविक अनुप्रयोगों पर चर्चा की जाएगी।

अकादमिक और इंडस्ट्री के बीच दूरी कम करना उद्देश्य

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और डीन फैकल्टी अफेयर्स प्रो. अशोक शेरॉन ने कहा कि ऊर्जा प्रणालियों का क्षेत्र तेजी से बदल रहा है, ऐसे में छात्रों और शिक्षकों के लिए निरंतर सीखना और खुद को अपडेट रखना बेहद जरूरी है।

कार्यक्रम संयोजक डॉ. एसके मिश्रा ने बताया कि इस एफडीपी का मुख्य उद्देश्य अकादमिक रिसर्च और औद्योगिक व्यवहार के बीच की दूरी को कम करना है, ताकि शोध कार्यों का वास्तविक लाभ उद्योग और समाज तक पहुंच सके।

कार्यक्रम का समन्वय डॉ. प्रतीम पान और डॉ. संजीव कुमार द्वारा किया जा रहा है।

#HamareMath #GiriReporter #MandiDabwali #BhagwaHindustan #BhagwaHindusthan

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Click to listen highlighted text!
error: Content is protected !!