हाईकोर्ट ने जताई सख्त नाराजगी
पूछा- जयपुर कंज्यूमर कोर्ट का अलवर के होटल की सील खुलवाने में क्या पर्सनल इंटरेस्ट?

Rajasthan High Court ने अलवर की सिलीसेढ़ झील के पास स्थित ‘देसी ठाठ’ होटल मामले में सुनवाई के दौरान जयपुर कंज्यूमर कोर्ट की भूमिका पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने एडवोकेट जनरल (AG) को तलब कर सवाल किया कि आखिर जयपुर कंज्यूमर कोर्ट का इस मामले में इतना “पर्सनल इंटरेस्ट” क्यों था।
हाईकोर्ट ने उठाए क्षेत्राधिकार पर सवाल
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि यह मामला जयपुर कंज्यूमर कोर्ट के क्षेत्राधिकार में आता ही नहीं था, फिर भी वहां से होटल की सील हटाने के आदेश कैसे जारी कर दिए गए।
कोर्ट ने यहां तक टिप्पणी की कि आखिर क्यों न कंज्यूमर कोर्ट के अध्यक्ष GL Meena को इस मामले में पक्षकार बना लिया जाए।
खुद सील खुलवाने पहुंचे थे कंज्यूमर कोर्ट अध्यक्ष
मामले के अनुसार अलवर की सिलीसेढ़ झील क्षेत्र में स्थित ‘देसी ठाठ’ होटल को दिसंबर 2025 में Urban Improvement Trust Alwar ने सील किया था। आरोप था कि होटल अवैध निर्माण और बहाव क्षेत्र में संचालित किया जा रहा था।
होटल संचालक को एडीजे कोर्ट और बाद में हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली। इसके बाद होटल मालिक जयपुर कंज्यूमर कोर्ट पहुंचे, जहां से सील हटाने के आदेश जारी किए गए।
बताया गया कि कंज्यूमर कोर्ट के अध्यक्ष खुद अलवर पहुंचकर आदेश की तामील करवाने भी पहुंचे थे, जिस पर हाईकोर्ट ने गंभीर आपत्ति जताई।
हाईकोर्ट बोला- “यह सब क्या हो रहा है?”
यूआईटी की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता Ajay Shukla ने बताया कि हाईकोर्ट ने सबसे अधिक नाराजगी इसी बात पर जताई कि जयपुर कंज्यूमर कोर्ट ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर आदेश पारित किए।
कोर्ट ने एडवोकेट जनरल से कहा— “देखिए, यह क्या हो रहा है?”
तीन महीने बाद फिर सील हुआ होटल
हाईकोर्ट की सख्ती के बाद करीब तीन महीने बाद ‘देसी ठाठ’ होटल को दोबारा सील कर दिया गया है। इस कानूनी विवाद के चलते होटल में पहले से बुकिंग करा चुके कई परिवारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पहले भी हुई थी कार्रवाई
यूआईटी ने दिसंबर 2025 में सिलीसेढ़ क्षेत्र के करीब 13 होटल और ढाबों पर कार्रवाई की थी। जांच में सामने आया था कि कई निर्माण बिना भू-रूपांतरण और नियमों के विपरीत किए गए थे।
#HamareMath #GiriReporter #MandiDabwali #BhagwaHindustan #BhagwaHindusthan




