बीएड कॉलेजों में इस बार खाली रह सकती हैं हजारों सीटें
पीटीईटी आवेदन कल अंतिम चरण में, 1.06 लाख सीटों के मुकाबले आवेदन अब भी कम

बीकानेर | प्रदेश में इस बार दो वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम को लेकर युवाओं का रुझान कमजोर पड़ता नजर आ रहा है। स्थिति यह है कि बीएड कॉलेजों में निर्धारित कुल सीटों के मुकाबले अब तक आवेदन भी पूरे नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में इस शैक्षणिक सत्र में बड़ी संख्या में सीटें रिक्त रहने की आशंका जताई जा रही है।
नोडल एजेंसी Vardhman Mahaveer Open University की ओर से पीटीईटी 2026 के ऑनलाइन आवेदन 20 फरवरी से शुरू किए गए थे। प्रदेश के 944 बीएड कॉलेजों में करीब 1.06 लाख सीटें निर्धारित हैं, लेकिन अब तक केवल 1.03 लाख अभ्यर्थियों ने ही आवेदन किया है। सीटों की तुलना में आवेदन कम रहने से इस बार प्रवेश प्रक्रिया में खाली सीटों की स्थिति बनती दिख रही है।
पीटीईटी आवेदन प्रक्रिया पिछले करीब ढाई माह से जारी है। पहले आवेदन की अंतिम तिथि 20 अप्रैल तय की गई थी, लेकिन आवेदन संख्या एक लाख से कम रहने पर इसे बढ़ाकर 5 मई कर दिया गया। अब अंतिम तिथि में बेहद कम समय बचा है, इसके बावजूद आवेदन संख्या कुल सीटों से कम बनी हुई है। पीटीईटी परीक्षा 14 जून को प्रस्तावित है, जिसके माध्यम से प्रदेशभर के दो वर्षीय बीएड कॉलेजों में प्रवेश दिए जाएंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार बीएड में घटते रुझान के पीछे तीन प्रमुख कारण सामने आ रहे हैं। पहला, शिक्षक भर्ती परीक्षाओं और नियुक्तियों में लगातार देरी व अनिश्चितता ने युवाओं का भरोसा कमजोर किया है। दूसरा, पिछले कुछ वर्षों में बीएड डिग्रीधारकों की संख्या तेजी से बढ़ी है, जबकि रोजगार के अवसर सीमित बने हुए हैं। तीसरा, अब युवा पारंपरिक पाठ्यक्रमों की बजाय प्रोफेशनल, तकनीकी और स्किल आधारित कोर्सों को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं।
वहीं आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को 7 मई तक त्रुटि सुधार का मौका दिया गया है। अभ्यर्थी 200 रुपए शुल्क जमा कर अपने आवेदन में संशोधन कर सकेंगे। हालांकि नाम, फोटो और हस्ताक्षर जैसे मूल विवरण में किसी प्रकार का बदलाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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