बारिश में बच्चों की सुरक्षा सबसे जरूरी: नदी-नालों के तेज बहाव, जलभराव और खुले नालों से रहें दूर; स्कूल भेजने से पहले ये सावधानियां जरूरी
तेज बारिश में नदी-नालों के बहाव, जलभराव और खुले नालों से बच्चों को खतरा; स्कूल भेजने से पहले मौसम और रास्ते की स्थिति जांचें, रेनकोट-एंटी स्लिप जूते समेत इन 8 सावधानियों का रखें ध्यान।

नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में इन दिनों तेज बारिश हो रही है। ऐसे में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। हाल के दिनों में बारिश के पानी और तेज बहाव से जुड़े हादसों में बच्चों की जान जाने की घटनाएं सामने आई हैं। जलभराव, खुले नाले, फिसलन भरी सड़कें और आकाशीय बिजली बच्चों के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक बारिश के दौरान बच्चों को स्कूल भेजने से पहले मौसम और रास्ते की स्थिति जरूर जांचनी चाहिए। अगर रास्ते में पानी ज्यादा भरा है या नदी-नाले उफान पर हैं, तो बच्चों को जोखिम लेकर स्कूल भेजने से बचना चाहिए।
1. तेज बहाव वाले पानी से बच्चों को रखें दूर
बारिश के दौरान सड़क पर जमा पानी कितना गहरा है, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। बच्चों को नदी, नाले, पुलिया और तेज बहाव वाले पानी के पास जाने से रोकें। बहते पानी को पैदल या वाहन से पार करने की कोशिश भी न करें।
2. खुले नाले और गड्ढों से रहें सावधान
जलभराव के दौरान खुले नाले, सीवर और सड़क के गड्ढे दिखाई नहीं देते। बच्चों को समझाएं कि पानी भरे रास्ते में बिना जांचे कदम न रखें और सुनसान या जलभराव वाले रास्तों से बचें।
3. बारिश में रेनकोट ज्यादा उपयोगी
छोटे बच्चों के लिए तेज बारिश में रेनकोट छाते से ज्यादा सुविधाजनक हो सकता है। इससे दोनों हाथ खुले रहते हैं। बड़े बच्चे छाता इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन तेज हवा और भारी बारिश में रेनकोट बेहतर विकल्प है।
4. स्कूल बैग में ये चीजें रखें
बारिश के दिनों में बच्चों के बैग में जरूरी सामान रखें:
- रेनकोट या छाता
- रेन कवर वाला बैग
- एक जोड़ी अतिरिक्त मोजे
- नैपकिन या छोटा तौलिया
- पानी की बोतल
- जरूरत के अनुसार अतिरिक्त कपड़े
बैग ज्यादा भारी न हो और उसकी स्ट्रैप आरामदायक हो।
5. फिसलन से बचाने वाले जूते पहनाएं
बारिश में एंटी-स्लिप और जल्दी सूखने वाले फुटवेयर बेहतर रहते हैं। भीगे हुए मोजे और जूते लंबे समय तक पहनने से पैरों में संक्रमण या त्वचा संबंधी परेशानी हो सकती है।
6. टिफिन में ताजा और हल्का खाना दें
बारिश के मौसम में बच्चों को ताजा और अच्छी तरह पका हुआ खाना देना बेहतर है। टिफिन में पोहा, उपमा, इडली, खिचड़ी, रोटी-सब्जी, सूखे मेवे और भुने चने जैसे विकल्प रखे जा सकते हैं।
रात का बचा खाना, ज्यादा तला-भुना भोजन और जल्दी खराब होने वाली क्रीम या मेयोनीज वाली चीजों से बचना बेहतर है।
7. आकाशीय बिजली के दौरान खुले मैदान में न जाएं
बिजली चमकने और तेज गरज के दौरान बच्चों को खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभे और पानी के आसपास जाने से रोकें। मौसम खराब होने पर सुरक्षित इमारत के अंदर रहना सबसे बेहतर है।
8. बारिश में भीगने पर तुरंत कपड़े बदलें
अगर बच्चा बारिश में भीगकर घर लौटता है तो गीले कपड़े और मोजे तुरंत बदलवाएं। शरीर को अच्छी तरह सुखाएं और गीले जूते-मोजे दोबारा इस्तेमाल करने से पहले पूरी तरह सुखा लें।
बच्चों को स्कूल न भेजें अगर…
इन परिस्थितियों में स्कूल भेजने से पहले सुरक्षा को प्राथमिकता दें:
- तेज बुखार हो।
- लगातार खांसी या सांस लेने में परेशानी हो।
- उल्टी या दस्त हो रहे हों।
- आंखों में संक्रमण हो।
- रास्ते में गंभीर जलभराव हो।
- नदी या नाले का पानी उफान पर हो।
- मौसम विभाग या स्थानीय प्रशासन ने गंभीर मौसम की चेतावनी जारी की हो।
स्कूल बंद होने की जानकारी आधिकारिक माध्यम से लें
बारिश के दौरान स्कूल बंद होने या खुलने की जानकारी के लिए स्कूल के आधिकारिक मैसेज, स्कूल ऐप/वॉट्सऐप ग्रुप और स्थानीय प्रशासन या मौसम विभाग के आधिकारिक अलर्ट पर भरोसा करें। सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट खबरों के आधार पर फैसला न लें।



