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सांड को बनाया ‘एक दिन का सरपंच’: आवारा पशुओं से परेशान ग्रामीणों ने पंचायत में अनोखे तरीके से जताया विरोध

पंचायत की अनदेखी के विरोध में ग्रामीणों ने सांड को बनाया ‘एक दिन का सरपंच’; पंजाब में सचिन पायलट ने कांग्रेस नेताओं को साथ लाकर उठाए सरकार पर सवाल

जयपुर। राजस्थान के पाली जिले के रायपुर क्षेत्र के कुशालपुरा गांव में आवारा पशुओं की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने अनोखे तरीके से विरोध जताया। ग्रामीण एक सांड को रस्सियों से पकड़कर पंचायत भवन में ले गए और उसे गद्दे पर बैठाकर ‘एक दिन का सरपंच’ बना दिया। उसके लिए चारे-पानी की व्यवस्था भी की गई।

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में आवारा पशुओं की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। खेतों और फसलों को नुकसान पहुंचने के साथ ही सड़कों और गलियों में पशुओं के घूमने से लोगों को परेशानी होती है। ग्रामीणों के मुताबिक, इस समस्या को लेकर पंचायत में कई बार शिकायत की गई, लेकिन समाधान नहीं हुआ।

इसी नाराजगी को जताने के लिए ग्रामीणों ने सांड को पंचायत भवन में बैठाया। इस दौरान मौजूदा व्यवस्था के खिलाफ नारे भी लगाए गए। ग्रामीणों ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि जब समस्या का समाधान नहीं हो रहा तो सांड को ही सरपंच बनाकर देख लेते हैं।

पंजाब में कांग्रेस नेताओं को एक मंच पर लाने की कोशिश

लेख में पंजाब की राजनीति का भी जिक्र किया गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट को पंजाब का प्रभारी बनाए जाने के बाद पार्टी के भीतर नेताओं को एक मंच पर लाने की गतिविधियों का उल्लेख किया गया है।

पंजाब में कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। पार्टी नेताओं ने सरकार पर अपने चुनावी वादे पूरे नहीं करने और नशे समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर सवाल उठाए।

वहीं राजस्थान में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने निकाय चुनाव के दौरान पार्टी के लिए प्रचार किया। लेख में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की राजनीतिक शैली का भी उल्लेख किया गया है।

जलमहल के पीछे गंदगी पर उठे सवाल

जयपुर के जलमहल को लेकर भी लेख में शहर की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाए गए हैं। सामने से खूबसूरत दिखाई देने वाले जलमहल के पीछे के हिस्से में गंदगी होने का दावा किया गया है।

पर्यावरण प्रेमी पंकज पांचाल और उनकी टीम ने जलमहल के पीछे के क्षेत्र में सफाई अभियान चलाया और वहां मौजूद गंदगी को हटाने का प्रयास किया। लेख के अनुसार, टीम ने झील के आसपास सफाई कर शहर को स्वच्छ रखने का संदेश दिया।

जलमहल जयपुर की पहचान और प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। ऐसे में इसके आसपास की स्वच्छता को लेकर उठाए जा रहे सवाल नगर निगम और संबंधित प्रशासन के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।

तीन मुद्दों ने खींचा ध्यान

इस पूरे लेख में राजस्थान और पंजाब से जुड़े तीन अलग-अलग मुद्दे सामने रखे गए हैं—कुशालपुरा में आवारा पशुओं की समस्या के विरोध का अनोखा तरीका, पंजाब में कांग्रेस की राजनीतिक गतिविधियां और जयपुर के जलमहल क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पर सवाल।

स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों और नागरिक समूहों की ओर से उठाए गए ये मुद्दे प्रशासन और स्थानीय निकायों की जवाबदेही से जुड़े हैं।

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