असम में दो सीटों पर दूसरे नंबर पर रही JMM
हेमंत सोरेन बोले—यह सिर्फ शुरुआत, आगे और मजबूत होगा संगठन

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रांची। असम विधानसभा चुनाव में खाता नहीं खुलने के बावजूद झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने अपने प्रदर्शन को राजनीतिक विस्तार की मजबूत शुरुआत बताया है। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने असम चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सीमित संसाधनों और कम समय में पार्टी ने जो प्रदर्शन किया, वह भविष्य के लिए मजबूत आधार है।
हेमंत सोरेन ने जनता का जताया आभार
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने X अकाउंट पर असम की जनता का आभार जताते हुए कहा कि सीमित समय और संसाधनों के बावजूद जो कुछ संभव हो सका, वह जनता के सहयोग, विश्वास और सक्रिय भागीदारी से ही संभव हुआ। उन्होंने कहा कि असम की जनता का समर्थन JMM के लिए नई ऊर्जा, प्रेरणा और राजनीतिक ताकत का स्रोत है।
‘यह सिर्फ चुनाव नहीं, पहचान की लड़ाई’
हेमंत सोरेन ने कहा कि असम में चुनाव लड़ना JMM के लिए केवल राजनीतिक विस्तार नहीं था, बल्कि आदिवासी, दलित और अल्पसंख्यक समाज के हक, सम्मान और पहचान की लड़ाई को मजबूत आवाज देना भी था। उन्होंने कहा कि राज्य में आदिवासियों की दयनीय स्थिति, ST दर्जे का अभाव, चाय बागान मजदूरों की कम मजदूरी और जमीन के अधिकार जैसे मुद्दों ने इस संघर्ष की नींव रखी।
16 सीटों पर उतरी JMM, दो पर दूसरे स्थान पर रही
JMM ने असम विधानसभा चुनाव में 16 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे और पहली बार राज्य में स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ा। पार्टी किसी सीट पर जीत दर्ज नहीं कर सकी, लेकिन दो सीटों पर दूसरे स्थान पर रही और सात सीटों पर 15 हजार से अधिक वोट हासिल किए। JMM ने कुल 1.16 प्रतिशत वोट शेयर दर्ज किया, जिसे पार्टी नेतृत्व ने भविष्य की राजनीतिक जमीन तैयार होने का संकेत बताया।
‘जनता के बीच पकड़ बनानी शुरू’
हेमंत सोरेन ने कहा कि पहली ही कोशिश में दो सीटों पर दूसरे स्थान पर रहना और कई सीटों पर मजबूत वोट हासिल करना इस बात का संकेत है कि JMM ने असम में जनता के बीच अपनी पकड़ बनानी शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि यह केवल शुरुआत है और आने वाले समय में संगठन और भी मजबूत होकर उभरेगा।
राष्ट्रीय स्तर पर आदिवासी मुद्दों को मिलेगी आवाज
उन्होंने कहा कि असम के चुनाव परिणाम यह साफ करते हैं कि आदिवासी समाज के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाने की जरूरत है। JMM का यह अभियान केवल चुनावी प्रयास नहीं, बल्कि अस्तित्व, पहचान और अधिकारों की लंबी लड़ाई का हिस्सा है, जो आगे भी जारी रहेगी।
असम में भाजपा की लगातार तीसरी जीत
असम विधानसभा चुनाव 2026 में भाजपा ने लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की है। राज्य की 126 सीटों में भाजपा ने 82 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया, जबकि कांग्रेस 19 सीटों पर सिमट गई। इस चुनाव में JMM भले सीट नहीं जीत सकी, लेकिन पार्टी ने अपने प्रदर्शन को पूर्वोत्तर में राजनीतिक विस्तार की शुरुआत के रूप में पेश किया है।
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