कनाडा में 33,000 वर्कर्स को मिलेगा डायरेक्ट PR
वर्क परमिट धारकों के लिए बड़ा मौका, ग्रामीण इलाकों में काम करने वालों को मिलेगी स्थायी नागरिकता

लुधियाना: कनाडा में लंबे समय से वर्क परमिट पर रह रहे हजारों विदेशी कामगारों के लिए बड़ी राहत की खबर है। कनाडा सरकार ने ‘इन-कनाडा वर्कर्स इनिशिएटिव’ के तहत 33,000 वर्क परमिट धारकों को सीधे परमानेंट रेजिडेंस (PR) देने का फैसला किया है। इस योजना का सबसे ज्यादा फायदा उन भारतीयों, खासकर पंजाबियों को होगा जो लंबे समय से कनाडा में वर्क परमिट पर रहकर पीआर का इंतजार कर रहे हैं।
2026-27 में 33 हजार वर्कर्स को मिलेगा PR
कनाडा की इमिग्रेशन, रिफ्यूजी एंड सिटीजनशिप विभाग (IRCC) के अनुसार इस योजना के तहत 2026 में कम से कम 20,000 वर्कर्स को PR दी जाएगी, जबकि बाकी बचे लोगों की प्रक्रिया 2027 में पूरी की जाएगी। सरकार के मुताबिक 2026 के पहले दो महीनों यानी जनवरी और फरवरी में ही 3,600 लोगों को इस स्कीम के तहत परमानेंट रेजिडेंस मिल चुकी है।
ग्रामीण और छोटे शहरों में काम करने वालों को प्राथमिकता
कनाडा सरकार ने साफ किया है कि इस योजना का लाभ उन्हीं लोगों को मिलेगा जो छोटे शहरों, ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में रहकर काम कर रहे हैं। सरकार का मानना है कि ये वर्कर्स न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहे हैं, बल्कि उन क्षेत्रों में लेबर की भारी कमी को भी पूरा कर रहे हैं, जहां खेती, हेल्थकेयर, कंस्ट्रक्शन और जरूरी सेवाओं में कर्मचारियों की जरूरत बनी हुई है।
किसे मिलेगा PR, जानिए पूरी पात्रता
IRCC के अनुसार इस योजना के तहत उन्हीं लोगों को प्राथमिकता मिलेगी जो कम से कम 2 साल से किसी छोटे समुदाय या ग्रामीण इलाके में रह रहे हों। इसके अलावा वे लोग पात्र होंगे जिन्होंने पहले से प्रोविंशियल नॉमिनी प्रोग्राम (PNP), अटलांटिक इमिग्रेशन प्रोग्राम, केयरगिवर पायलट या एग्री-फूड पायलट जैसे प्रोग्राम्स के तहत आवेदन किया हुआ है। जिन लोगों की फाइल पहले से सिस्टम में पेंडिंग है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर PR दी जाएगी।
नया फॉर्म भरने की जरूरत नहीं
इस योजना की सबसे बड़ी राहत यह है कि पात्र आवेदकों को अलग से कोई नया आवेदन नहीं करना होगा। IRCC पुराने लंबित आवेदनों को खुद तेज गति से प्रोसेस करेगा। इससे बैकलॉग कम होगा और लंबे समय से कनाडा में रह रहे वर्कर्स को स्थायी निवास पाने का सीधा रास्ता मिलेगा।
पंजाबियों को सबसे ज्यादा फायदा
कनाडा में पंजाबी समुदाय बड़ी संख्या में वर्क परमिट, ट्रकिंग, फार्मिंग, हेल्थकेयर और सर्विस सेक्टर में काम कर रहा है। ऐसे में इस नई नीति का सबसे अधिक लाभ पंजाब के उन परिवारों को मिलने की संभावना है, जो वर्षों से वर्क परमिट पर कनाडा में रहकर PR का इंतजार कर रहे हैं।
स्टूडेंट वीजा पर सख्ती, वर्क परमिट वालों को राहत
जहां एक तरफ कनाडा सरकार वर्क परमिट धारकों को राहत दे रही है, वहीं दूसरी तरफ स्टूडेंट वीजा को लेकर सख्ती बढ़ाई जा रही है। नई इमिग्रेशन नीति के तहत 2026 में स्टूडेंट वीजा की संख्या सीमित की जा रही है, जिससे पढ़ाई के रास्ते कनाडा जाने वालों के लिए राह मुश्किल हो सकती है। वहीं पहले से कनाडा में काम कर रहे लोगों के लिए PR का रास्ता अब आसान हो गया है।
लेबर शॉर्टेज और आबादी संतुलन है बड़ा कारण
कनाडा सरकार के अनुसार इस फैसले के पीछे दो बड़े कारण हैं—ग्रामीण इलाकों में लेबर की कमी को दूर करना और अस्थायी निवासियों की संख्या को नियंत्रित करना। सरकार चाहती है कि 2027 तक अस्थायी निवासियों की संख्या कुल आबादी के 5% से नीचे लाई जाए। इसी रणनीति के तहत लंबे समय से काम कर रहे लोगों को स्थायी निवासी बनाया जा रहा है।
हर महीने वेबसाइट पर मिलेगा अपडेट
कनाडा सरकार इस पूरी योजना की प्रगति अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर हर महीने अपडेट करेगी, ताकि आवेदकों को यह जानकारी मिलती रहे कि कितने लोगों को PR मिल चुकी है और कितने मामलों की प्रक्रिया जारी है।




