जयपुर में 90 लाख की साइबर ठगी, हॉस्पिटल कर्मचारी गिरफ्तार
मरीजों के पैसे निजी खातों में ट्रांसफर करने का आरोप

Jaipur की साइबर पुलिस थाना ने भंडारी हॉस्पिटल से जुड़े वित्तीय गड़बड़ी और साइबर धोखाधड़ी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मनीष कुमार सोनी को गिरफ्तार किया है। आरोपी अस्पताल में कार्यकारी सहायक के पद पर कार्यरत था।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने मरीजों से प्राप्त लगभग 80 से 90 लाख रुपए की राशि अस्पताल के खातों में जमा कराने के बजाय अपने निजी बैंक खातों में ट्रांसफर कर ली।
डॉक्टर के नाम का दुरुपयोग कर बनाई फर्जी आईडी
पुलिस के अनुसार आरोपी ने refrens.com वेबसाइट पर अस्पताल का फर्जी अकाउंट बनाकर डॉक्टर चिराग भंडारी के नाम का दुरुपयोग किया। इसके जरिए मरीजों से अवैध रूप से शुल्क वसूला जाता था।
इंजेक्शन ऑनलाइन बेचने का भी आरोप
जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपी पर अस्पताल से जुड़े इंजेक्शन और अन्य मेडिकल सामग्री को ऑनलाइन बेचने का भी आरोप है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और आर्थिक लेनदेन की गहन जांच कर रही है।
आईटी एक्ट समेत कई धाराओं में केस दर्ज
साइबर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट की धारा 66D के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और पुलिस बैंक खातों व डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है।



