सिरसा में मेडिकल कॉलेज की 7 मंजिला बिल्डिंग तैयार, 540 बेड का अस्पताल और 100 MBBS सीटें
2027 में हैंडओवर की तैयारी; मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद हिसार, रोहतक और बठिंडा रेफर होने वाले मरीजों को मिल सकती है राहत

सिरसा शहर के मिनी बाईपास पर बन रहे मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। मेडिकल कॉलेज की अस्पताल बिल्डिंग का सात मंजिला ढांचा तैयार हो चुका है और फिलहाल अंदरूनी काम तेजी से चल रहा है। दीवारों की लिपाई, फर्श पर मार्बल लगाने और पानी निकासी के लिए पाइपलाइन बिछाने की तैयारी की जा रही है। निर्माण एजेंसियां और कर्मचारी दिन-रात अलग-अलग शिफ्टों में काम कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार इस साल के अंत तक निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य है और 2027 में भवन सरकार को हैंडओवर किए जाने की तैयारी है। इसके बाद डॉक्टरों और अन्य मेडिकल स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया पूरी होने पर आम लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। मेडिकल कॉलेज शुरू होने से सिरसा और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि गंभीर मरीजों को अभी अक्सर हिसार, रोहतक और पंजाब के बठिंडा जैसे शहरों में रेफर किया जाता है। प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज में करीब 540 बेड का अस्पताल और 100 MBBS सीटें होंगी। मेडिकल स्टूडेंट्स के लिए 200 से 300 की क्षमता वाले हॉस्टल भी बनाए जा रहे हैं, जिनमें रसोई, जिम, योग कक्ष और वाचनालय जैसी सुविधाएं होंगी। पूरे परिसर में अस्पताल के अलावा हॉस्टल, नाइट शेल्टर, गेस्ट हाउस, रिहायशी क्षेत्र, ऑडिटोरियम, बिजलीघर, जलघर, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, मॉडर्न किचन और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी तथा परिसर को CCTV निगरानी में रखा जाएगा। मेडिकल कॉलेज के निर्माण से स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलने और रेफरल सिस्टम कम होने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि फिलहाल निर्माण स्थल के अंदर रास्ते कच्चे हैं और बारिश के दौरान कीचड़ के कारण आवाजाही मुश्किल हो जाती है। यह मेडिकल कॉलेज सीडीएलयू के नजदीक हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय की करीब साढ़े 26 एकड़ जमीन पर बनाया जा रहा है। इसकी आधारशिला राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कुरुक्षेत्र से वर्चुअल माध्यम से रखी थी और निर्माण की मॉनिटरिंग मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा किए जाने की बात रिपोर्ट में कही गई है। शुरुआत में परियोजना के लिए 325 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया था, जिसे बाद में 500 करोड़ रुपए किया गया और अब इसका बजट एक हजार करोड़ रुपए से अधिक जाने की संभावना बताई गई है। मेडिकल कॉलेज को लेकर सिरसा के राजनीतिक नेताओं के बीच श्रेय लेने की होड़ भी दिखाई दे रही है। रिपोर्ट के अनुसार, साल 2015 में पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सिरसा में मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की थी, जबकि 2020-21 के बजट में इसे शामिल किए जाने के बाद परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में औपचारिक प्रक्रिया तेज हुई।




