
सिरसा। सिरसा-भादरा रूट पर चलने वाली रोडवेज बस के ड्राइवर और कंडक्टर ने ईमानदारी की मिसाल पेश करते हुए बस में छूटा युवती का आईफोन सुरक्षित वापस लौटा दिया। युवती भादरा से गांधी गांव जा रही थी और उतरते समय उसका मोबाइल सीट पर ही छूट गया था।
बैग में फोन नहीं मिला तो किया कॉल
जानकारी के अनुसार, राजस्थान के भादरा क्षेत्र के गांधी गांव की रहने वाली युवती रोडवेज बस में भादरा से गांधी गांव के लिए रवाना हुई थी। वह ड्राइवर सीट के नजदीक वाली टू-सीटर पर अकेली बैठी थी।
गांधी पहुंचने के बाद युवती अपने घर चली गई। बाद में जब उसने बैग में फोन तलाशा तो आईफोन नहीं मिला। उसे याद आया कि मोबाइल बस में छूट सकता है। इसके बाद उसने अपने नंबर पर कॉल किया।
कंडक्टर ने फोन उठाया और पहचान की पुष्टि की
कॉल रोडवेज बस के कंडक्टर राजू खरकड़ा ने रिसीव की। युवती ने बताया कि उसका आईफोन बस की सीट पर छूट गया है और उसने अपना गांव गांधी बताया।
कंडक्टर ने फोन सुरक्षित होने की पुष्टि की और युवती को उसे वापस लेने के लिए बस के वापसी समय की जानकारी दी।
गांधी गांव में युवती को सौंपा आईफोन
ड्राइवर सुरेश कुमार बरवाला ने बताया कि वह लंबे समय से सिरसा-भादरा रूट पर ड्यूटी कर रहे हैं। बस में युवती के उतरने के बाद उनकी नजर सीट पर पड़े मोबाइल पर गई। उन्होंने तुरंत मोबाइल कंडक्टर को सौंप दिया, ताकि उसे सुरक्षित रखा जा सके।
बाद में तय समय पर बस गांधी गांव पहुंची। युवती अपनी सहेली के साथ बस स्टैंड पहुंची, जहां उसे उसका आईफोन सुरक्षित वापस सौंप दिया गया। मोबाइल मिलने पर युवती काफी खुश हुई और उसने ड्राइवर सुरेश कुमार बरवाला तथा कंडक्टर राजू खरकड़ा का आभार जताया।
ईमानदारी की हुई सराहना
रोडवेज कर्मचारियों के इस कदम की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है। यात्रियों की ओर से अक्सर सफर के दौरान सामान छूट जाने की घटनाएं सामने आती हैं, ऐसे में किसी यात्री की मूल्यवान वस्तु को सुरक्षित रखकर उसे वापस करना ईमानदारी और जिम्मेदारी का उदाहरण है।



