सफाई कर्मचारियों की हड़ताल पर हाईकोर्ट सख्त, सिरसा विधायक गोकुल सेतिया की याचिका पर सुनवाई
हाईकोर्ट ने सरकार को नियमों के तहत सफाई कर्मचारियों की जायज मांगें जल्द पूरी करने को कहा; शहर में पुलिस सुरक्षा के बीच कचरा उठाया गया, अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद

सिरसा। हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल और बिगड़ती सफाई व्यवस्था के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए सरकार को सफाई कर्मचारियों की नियमों के तहत जायज मांगों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। यह मामला सिरसा के कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया की ओर से दायर याचिका के बाद हाईकोर्ट के समक्ष पहुंचा था।
विधायक गोकुल सेतिया ने जारी वीडियो में दावा किया कि सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष की ओर से सफाई कर्मचारियों की सभी मांगें माने जाने की बात कही गई थी। उनके अनुसार, उनके पक्ष के वकील ने अदालत के सामने इस दावे पर आपत्ति जताई और बताया कि कर्मचारियों की सभी मांगें पूरी नहीं हुई हैं।
हाईकोर्ट ने सरकार को दिए निर्देश
सुनवाई के दौरान अदालत ने सरकार को नियमों के तहत सफाई कर्मचारियों की जायज मांगों को जल्द पूरा करने की बात कही। विधायक सेतिया के मुताबिक, अदालत के इस रुख से सफाई कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों के अधिकारों की लड़ाई आगे भी जारी रखी जाएगी और उनकी पार्टी इस मामले में उनका समर्थन करेगी।
पुलिस की मौजूदगी में शहर से उठाया गया कचरा
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच सिरसा शहर में शनिवार सुबह प्रशासन की ओर से कचरा उठाने का अभियान चलाया गया। सुबह करीब 7 बजे शुरू हुए अभियान के दौरान भारी पुलिसबल तैनात रहा।
ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और जेसीबी की मदद से शहर के अलग-अलग हिस्सों से कचरा उठाया गया। कुछ स्थानों पर सफाई कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे और कचरा उठाने का विरोध किया। इस दौरान पुलिस और कर्मचारियों के बीच नोकझोंक की स्थिति भी बनी।
प्रशासन ने पुलिस की मौजूदगी में सब्जी मंडी, गुरु नानक स्कूल सहित अन्य स्थानों से कचरा उठवाया। कचरा उठाने की कार्रवाई देखने के लिए कई स्थानों पर लोगों की भीड़ भी जमा हो गई।
शहर में जमा कचरे से लोग परेशान
हड़ताल के कारण शहर के कई हिस्सों में कचरा जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। स्थानीय लोगों ने चिंता जताई कि लंबे समय तक कचरा जमा रहने से गंदगी और बीमारी फैलने का खतरा बढ़ सकता है।
प्रशासन की ओर से कचरा उठाने का अभियान चलाए जाने के बाद कुछ इलाकों में लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
एक सप्ताह बाद होगी अगली सुनवाई
विधायक गोकुल सेतिया ने बताया कि मामले की अगली सुनवाई करीब एक सप्ताह बाद होगी। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों के अधिकारों और उनकी जायज मांगों को लेकर वह आगे भी आवाज उठाते रहेंगे।
18 अगस्त को दाखिल की गई थी याचिका
सिरसा विधायक गोकुल सेतिया ने 18 अगस्त को सफाई कर्मचारियों के मुद्दे और प्रदेश में बिगड़ती सफाई व्यवस्था को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
याचिका में कहा गया था कि सफाई कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन के कारण राज्य में सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है और कई स्थानों पर बड़ी मात्रा में कचरा जमा हो गया है। इससे सार्वजनिक स्वास्थ्य को लेकर चिंता पैदा हो रही है।
मामले में हाईकोर्ट ने शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव से जवाब और शपथ पत्र मांगा था। अदालत ने यह भी जानना चाहा था कि सफाई व्यवस्था बहाल करने के लिए सरकार की ओर से क्या कदम उठाए गए हैं।
अब मामले की अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद होगी। इस दौरान सरकार की ओर से सफाई कर्मचारियों की मांगों और सफाई व्यवस्था को लेकर उठाए गए कदमों पर आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।




